चिराग पासवान ने मांझी के बयान पर जताई आपत्ति, बोले—संयमित भाषा जरूरी

चिराग पासवान ने मजदूर दिवस के मौके पर कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष...

चिराग पासवान ने मांझी के बयान पर जताई आपत्ति, बोले—संयमित भाषा जरूरी

चिराग पासवान ने मजदूर दिवस के मौके पर कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ नेताओं की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई।

मांझी के बयान पर जताई आपत्ति

चिराग पासवान ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के एक बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह की असंवेदनशील भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि “मर गया तो मर गया” जैसे शब्द समाज में गलत संदेश देते हैं और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

कार्यकर्ताओं को दिया जिम्मेदारी का संदेश

वहीं मजदूर दिवस पर चिराग ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने आसपास किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न होने दें।उन्होंने सामाजिक न्याय, संवेदनशीलता और गरीबों के सम्मान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

दिल्ली हत्या मामले पर जताई चिंता

वहीं दिल्ली में बिहार के एक युवक की हत्या के मामले पर उन्होंने चिंता जताई।चिराग ने कहा कि सिर्फ बिहारी होने की वजह से किसी के साथ भेदभाव या हिंसा होना बेहद गलत है। उन्होंने क्षेत्रवाद की राजनीति की आलोचना करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।

एनकाउंटर पर विपक्ष को जवाब

बिहार में अपराधियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए चिराग ने कहा कि जो लोग वर्षों से जातीय राजनीति करते रहे हैं, वही अब कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।