डेहरी नगर परिषद के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर की हत्या में विधायक का आया नाम; पत्नी बोलीं-एमएलए ने मरवाया, गिरफ्तार ड्राइवर ने उगले कई राज
कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की पत्नी बबिता ने डेहरी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक ने ही मेरे पति की हत्या कराई है। उनका आरोप है कि विधायक ने उनसे 50 लाख रूपये की डिमांड की थी और पैसे के लिए वे अक्सर उन्हें फोन कर परेशान किया करते थे। पैसे के लिए वे उन्हें मिलने के लिए भी बुलाते थे। कार्यपालक पदाधिकारी की पत्नी ने कहा कि 29 जुलाई को विमल कुमार उनसे मिले भी थे, लेकिन क्या बातें हुई यह पता नहीं चल पाया। वे घर आते तो इस बाबत मुझे जरूर बताते, लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या करा दी गई।
DESWA DESK : बिहार के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की हत्या कर दी गई है। घटना औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की है। घटना उस वक्त हुई जब कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार अपने सरकारी वाहन से पटना जा रहे थे।
पत्नी ने डेहरी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए
कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की पत्नी बबिता ने डेहरी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक ने ही मेरे पति की हत्या कराई है। उनका आरोप है कि विधायक ने उनसे 50 लाख रूपये की डिमांड की थी और पैसे के लिए वे अक्सर उन्हें फोन कर परेशान किया करते थे। पैसे के लिए वे उन्हें मिलने के लिए भी बुलाते थे। कार्यपालक पदाधिकारी की पत्नी ने कहा कि 29 जुलाई को विमल कुमार उनसे मिले भी थे, लेकिन क्या बातें हुई यह पता नहीं चल पाया। वे घर आते तो इस बाबत मुझे जरूर बताते, लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या करा दी गई।
गोला रोड में रहता है परिवार, गिरफ्तार ड्राइवर ने उगले राज
विमल कुमार मूल रूप से गयाजी जिले के शेरघाटी के रहने वाले थे, लेकिन फिलहाल उनका परिवार पटना के दानापुर में गोला रोड टी-प्वाइंट के पास रहता है। उनका पार्थिव शरीर उनके पटना आवास पर लाया गया है, जहां दीघा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस ने कार्यपालक पदाधिकारी के कार के ड्राइवर मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में वह लगातार अपना बयान बदल रहा था, जिसके बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। औरंगाबाद एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि अब इस वारदात में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। कई लोगों के नाम ड्राइवर ने बताए हैं, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
बारुण थाना क्षेत्र में धनौती पुल के पास वारदात
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस फिलहाल पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विमल कुमार आज डेहरी के ललन सिंह स्पोर्टिंग क्लब में आयोजित 'एक शाम शहीदों के नाम' कार्यक्रम से लौटकर अपने सरकारी वाहन से पटना जा रहे थे। इसी दौरान वह बारुण थाना क्षेत्र में धनौती पुल के पास जैसे ही पहुंचे, तभी घात लगाए अपराधियों ने उनकी गाड़ी को कुछ देर तक ओवरटेक किया गाड़ी रुकवाकर वारदात को अंजा दिया।
'कनपटी पर पिस्तौल सटाकर वाहन को रुकवा दिया'
ड्राइवर ने पुलिस को चकमा देने के लिए बताया कि उसकी कनपटी पर पिस्तौल सटाकर वाहन को रुकवा दिया गया। बताया जाता है कि इसी दौरान उन पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ लाठी-डंडे, रॉड से हमला कर दिया। जैसे ही घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को लगी तो लोग मौके पर पहुंचे और फिर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से उन्हें डेहरी के निजी हस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देख उन्हें जमुहार स्थित नारायण मेडिकल हॉस्पिटल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया । इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा, रोहतास एसपी रौशन कुमार, औरंगाबाद एसएसपी उपेंद्रनाथ वर्मा, सासाराम की एसडीएम नेहा कुमारी तथा डेहरी के एसडीएम निलेश कुमार सहित कई वरीय अधिकारी भी मौके पर कैंप किए हुए हैं।
साजिश के तहत हत्या की गई -मुख्य पार्षद शशि कुमारी
इधर डेहरी डालमिया नगर नगर परिषद की मुख्य पार्षद शशि कुमारी भी घटना की सूचना मिलते ही नारायण मेडिकल हॉस्पिटल कॉलेज पहुंची उन्होंने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि नगर परिषद के ईओ विमल कुमार काफी मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी साजिश के तहत हत्या की गई है, पुलिस प्रशासन से उन्होंने मांग की कि मामले में जांच कर हत्या के दोषियों को सख्त कार्रवाई की जाए।
विधानसभा सत्र के दौरान विधायक ने उठाए थे सवाल !
बता दे की एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विमल कुमार मूल रूप से शेरघाटी के रहने वाले थे और उनकी फिलहाल पोस्टिंग डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में बतौर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर थी और वह शनिवार की रात अपने परिवार से मिलने पटना जा रहे थे। तभी वारदात को अंजाम दिया गया। बताया जाता है कि डेहरी के स्थानीय विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह ने हाल में ही नप के ईओ विमल कुमार को लेकर विधानसभा सत्र के दौरान सवाल उठाए थे। विमल कुमार की हत्या के बाद उनकी पत्नी ने विधायक पर ही हत्या कराने का आरोग लगाया है। फिलहाल औरंगाबाद तथा रोहतास जिले की पुलिस हत्यारों तक पहुंचने में लगी है। विमल कुमार बेहद मिलनसार स्वभाव के अधिकारी माने जाते थे। वे अपने पीछे दो छोटे-छोटे बच्चे और रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। इस हत्या के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है। डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद की मुख्य पार्षद शशि कुमारी ने ने भी साफ कहा कि विमल कुमार की हत्या एक सोची-समझी साजिश का नतीजा है। पुलिस प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दे।
राज्यभर के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी हड़ताल पर
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ईओ विमल कुमार की हत्या के विरोध में राज्यभर के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जबतक सरकार अपराधियों को गिरफ्तार नहीं करती और उनकी मांगे नहीं मानती है तबतक हड़ताल जारी रहेगा। संघ के सदस्यों ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को भेजे गए पत्र में साफ कहा है कि विमल कुमार की हुई हत्या ने पूरे प्रशासनिक महकमे को झकझोर कर रख दिया है। जबतक अधिकारियों की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दी जाती, तबतक हड़ताल जारी रहेगा। इस घटना से अधिकारियों में असुरक्षा का माहौल है। बिहार नगर सेवा संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने कहा है कि विमल कुमार की हत्या से अधिकारियों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है, और जबतक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती और सुरक्षा को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तबतक हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, और इसपर त्वरित निर्णय लिया जाना चाहिए। अपराधियों की गिरफ्तरी के साथ ही साजिश रचने वालों को कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, कार्यपालक पदाधिकारियों को बाॅडीगार्ड उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही, विमल कुमार के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।













