गुड़ उत्पादन इकाइयों के लिए 25 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन, मिलेगा छह लाख से एक करोड़ रुपये तक का अनुदान

विभिन्न पेराई क्षमता वाली गुड़ उत्पादन इकाइयों को पूंजी की लागत का 50 फीसदी तक अनुदान देने का प्रावधान है। जिसमें पांच से 20 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता वाले इकाइयों को अधिकतम छह लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाइयों को अधिकतम 15 लाख रुपये, 41 से 60 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाले इकाइयों को अधिकतम 45 लाख रुपये और 60 टन से अधिक प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाईयों को अधिकतम एक करोड़ रुपये अनुदान दिया जाएगा।

गुड़ उत्पादन इकाइयों के लिए 25 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन, मिलेगा छह लाख से एक करोड़ रुपये तक का अनुदान

DESWA DESK : राज्य में गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने 25 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तिथि बढ़ा दी है। राज्य में गन्ना की खेती करने के साथ ही चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही है। जिसमें गन्ना की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान दिए जा रहे हैं। 

इसी प्रकार राज्य सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू की है, जिसमें गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित करने लिए गन्ना किसानों और निवेशकों को छह लाख से लेकर एक करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम चरण में 25 जून तक ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि निर्धारित की थी। इसके बाद विभाग ने आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि 25 जुलाई तक बढ़ा दिया है। 

विभाग के अनुसार विभिन्न पेराई क्षमता वाली गुड़ उत्पादन इकाइयों को पूंजी की लागत का 50 फीसदी तक अनुदान देने का प्रावधान है। जिसमें पांच से 20 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता वाले इकाइयों को अधिकतम छह लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाइयों को अधिकतम 15 लाख रुपये, 41 से 60 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाले इकाइयों को अधिकतम 45 लाख रुपये और 60 टन से अधिक प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाईयों को अधिकतम एक करोड़ रुपये अनुदान दिया जाएगा। इच्छुक किसान एवं निवेशक ccs.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।