बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे, 17 सितंबर से खुलेंगे ट्रांसफर पोर्टल; शिक्षकों के समस्याओं के समाधान के लिए बड़ी तैयारी

बिहार के सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करने और शिक्षकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब शनिवार को हाफ-डे (आधे दिन की पढ़ाई) लागू करने की घोषणा की गई है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में फाइल पर आदेश जारी कर दिया है, और बहुत जल्द इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे, 17 सितंबर से खुलेंगे ट्रांसफर पोर्टल; शिक्षकों के समस्याओं के समाधान के लिए बड़ी तैयारी

DESWA DESK : बिहार के सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करने और शिक्षकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब शनिवार को हाफ-डे (आधे दिन की पढ़ाई) लागू करने की घोषणा की गई है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में फाइल पर आदेश जारी कर दिया है, और बहुत जल्द इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग की नीतियों और योजनाओं को धरातल पर अधिक प्रभावी ढंग से उतारने के लिए नौ और दस अगस्त को चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय शिविर में शिक्षा विभाग के करीब साढ़े तीन सौ से चार सौ शीर्ष अधिकारी हिस्सा लेंगे। चिंतन शिविर में लिए गए सभी महत्वपूर्ण फैसलों की आधिकारिक जानकारी 11 अगस्त को मीडिया के सामने साझा की जाएगी।

इसके साथ ही, सरकार ने शिक्षकों के हित में एक स्पष्ट समय सीमा तय की है। लक्ष्य रखा गया है कि 31 अक्टूबर तक शिक्षकों की सभी प्रमुख और अधिकतम समस्याओं का त्वरित निस्तारण कर दिया जाए। शिक्षक तबादला प्रक्रिया को लेकर विभाग ने पूरी तरह से पारदर्शिता बरतने का फैसला किया है। 17 सितंबर से सामान्य ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में वे सभी शिक्षक आवेदन कर सकेंगे जो पिछली बार किसी कारणवश आवेदन करने से वंचित रह गए थे।

 जो शिक्षक पहले सरप्लस सूची में शामिल नहीं थे, उन्हें भी इस बार आवेदन का पूरा मौका मिलेगा। पूरी प्रक्रिया एक पारदर्शी डिजिटल पोर्टल के जरिए संचालित होगी ताकि धांधली की गुंजाइश न रहे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित भारत और समृद्ध बिहार का असली आधार है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति  को राज्य में पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाएगा ताकि अंतिम पायदान पर खड़े बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुंच सके।