जनप्रतिनिधियों से AI एवं कंप्यूटर तकनीक का अधिकतम उपयोग कर विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने का आह्वान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि विकास योजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में भी AI का उपयोग किया जाना चाहिए। भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जांच करने पर पांच से सात प्रतिशत तक लागत में बचत हुई। उन्होंने कहा कि बचाई गई राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है। आज के डिजिटल युग में यदि हम AI का उपयोग नहीं करेंगे तो विकास की दौड़ में पीछे रह जाएंगे।

जनप्रतिनिधियों से AI एवं कंप्यूटर तकनीक का अधिकतम उपयोग कर विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने का आह्वान

DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि विकास योजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में भी AI का उपयोग किया जाना चाहिए। भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जांच करने पर पांच से सात प्रतिशत तक लागत में बचत हुई। उन्होंने कहा कि बचाई गई राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है। आज के डिजिटल युग में यदि हम AI का उपयोग नहीं करेंगे तो विकास की दौड़ में पीछे रह जाएंगे।

मुख्यमंत्री आज विधानसभा के विस्तारित भवन में बिहार विधान मंडल के सदस्यों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संवेदीकरण एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यान्वयन के संबंध में आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत परियोजना निगरानी प्रणाली (Project Monitoring System) वेब पोर्टल का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। एआई और डिजिटल तकनीक से बिहार के विधायकों एवं विधान पार्षदों का क्षमता वर्द्धन होगा। उन्होंने कहा कि 20-25 वर्ष पूर्व कंप्यूटर की उपयोगिता सीमित थी, लेकिन आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक शासन-प्रशासन तथा विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। सभी मंत्री, विधायक एवं विधान पार्षद इन तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि जनता से बेहतर संवाद स्थापित हो तथा क्षेत्र का समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सके। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सहयोग कार्यक्रम के संचालन तथा एक करोड़ पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में राज्य सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर रही है। बिहार में किसानों का डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है तथा 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनप्रतिनिधियों को तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है, लेकिन डिजिटल युग की आवश्यकताओं को देखते हुए इसे और सुदृढ़ किया जाना चाहिए। मुजफ्फरपुर में आर्टिफीशियल इंटिलिजेंस और कम्प्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्रियों, विधायकों एवं विधान पार्षदों के साथ-साथ उनके सहयोगियों को भी समय-समय पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर एवं सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे तकनीक के साथ निरंतर अपडेट रह सकें और जनता की बेहतर सेवा कर सकें। 

उन्होंने कहा कि बिहार के सभी पंचायतों में मौसम केंद्र संचालित हैं तथा मौसम पूर्वानुमान 70 से 80 प्रतिशत तक सटीक सिद्ध हो रहा है। यह तकनीक कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, बिहार सरकार के मंत्री, विधायक, विधान पार्षद, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डा. एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं बिहार विधानमंडल के कर्मचारी उपस्थित थे।