पटना स्नातक सीट पर एमएलसी चुनाव से पहले जेडीयू में भूचाल; नीरज कुमार के खिलाफ 'छोटे सरकार' की बगावत, राजनैतिक गार्जियन...?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 26 नवंबर को खत्म हो रहे कार्यकाल के बीच चुनाव आयोग जल्द ही अधिसूचना जारी कर सकता है। लेकिन, चुनावी डुगडुगी बजने से पहले ही राजधानी पटना का सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। मोकामा के बाहुबली जदयू विधायक अनंत सिंह यानी छोटे सरकार के एक बयान ने अपनी ही पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया है। नीतीश कुमार को अपना राजनैतिक गार्जियन बताने वाले अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट से तीन बार के एमएलसी और जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का साथ देने से साफ इनकार कर दिया है।
DESWA DESK : बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 26 नवंबर को खत्म हो रहे कार्यकाल के बीच चुनाव आयोग जल्द ही अधिसूचना जारी कर सकता है। लेकिन, चुनावी डुगडुगी बजने से पहले ही राजधानी पटना का सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। मोकामा के बाहुबली जदयू विधायक अनंत सिंह यानी छोटे सरकार के एक बयान ने अपनी ही पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया है। नीतीश कुमार को अपना राजनैतिक गार्जियन बताने वाले अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट से तीन बार के एमएलसी और जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का साथ देने से साफ इनकार कर दिया है।
इसके बजाय उन्होंने डॉ. अनुज कुमार को खुला समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। बाढ़ के बेढ़ना इलाके में मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह ने सीधे तौर पर पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू में रहने के बावजूद नीरज कुमार ने कभी चुनाव में उनकी मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि जो हमारा साथ नहीं देते, हम उनका साथ क्यों देंगे? हमारे समर्थक उसी के साथ रहेंगे जो हमारे साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि पटना स्नातक सीट के अंतर्गत आने वाले सभी 26 विधानसभा क्षेत्रों में हमारे लोग एकजुट होकर डॉ. अनुज कुमार के लिए काम करेंगे।
नीरज कुमार पटना स्नातक सीट से लगातार तीन बार से विधान पार्षद चुनकर आ रहे हैं, और इस बार जीत का चौका लगाने की तैयारी में हैं। हालांकि जदयू विधायक अनंत सिंह के इस बागी रुख ने पार्टी आलाकमान के लिए बड़ी असहज स्थिति पैदा कर दी है। मगध और पटना ग्रामीण के बाढ़, मोकामा, बख्तियारपुर समेत कई इलाकों में अनंत सिंह की मजबूत पकड़ मानी जाती है। जन सुराज की सक्रियता और विपक्ष की घेराबंदी के बीच सत्ताधारी दल के दो कद्दावर चेहरों का आमने-सामने आना जदयू के लिए घातक साबित हो सकता है।
वहीं, अनंत सिंह के समर्थन के बाद डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि जब छोटे सरकार का आशीर्वाद मिल गया है तो जीत तय है। विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होने वाले हैं, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की स्नातक सीटों के साथ-साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की शिक्षक सीटों के लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह तक चुनाव शेड्यूल घोषित होने की उम्मीद है। हालांकि जदयू के भीतर शुरू हुई यह अंदरूनी खींचतान चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही पटना की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत दे रही है।













