38 शिक्षकों को मिला राजकीय सम्मान; मुख्यमंत्री ने किया बड़ा एलान, इतने पदों पर होगी बहाली, शिक्षकों के लिए विशेष विश्वविद्यालय भी

राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था का कायाकल्प करने वाली कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 38 जिलों से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार- 2026 से सम्मानित किया और घोषणा की कि बिहार के सरकारी स्कूलों को अब आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल टूल से लैस किया जाएगा।

38 शिक्षकों को मिला राजकीय सम्मान; मुख्यमंत्री ने किया बड़ा एलान, इतने पदों पर होगी बहाली, शिक्षकों के लिए विशेष विश्वविद्यालय भी

DESWA DESK : राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था का कायाकल्प करने वाली कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 38 जिलों से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार- 2026 से सम्मानित किया और घोषणा की कि बिहार के सरकारी स्कूलों को अब आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल टूल से लैस किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान बिहार शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को एआई तकनीक और डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण जरूरी है। एआई आधारित शैक्षणिक संसाधनों से शिक्षक पाठ्य सामग्री तैयार करने और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कार्यरत करीब सात लाख से अधिक शिक्षकों की कार्यक्षमता और शिक्षण की गुणवत्ता को निरंतर अपडेट रखने के लिए सरकार एक शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल बुनियादी ढांचे से गुणवत्ता नहीं आएगी, बल्कि शिक्षकों को संस्थागत व्यवस्था के तहत समय-समय पर नई शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। 

समारोह में राज्य के सभी 38 जिलों से शैक्षणिक योगदान, नवाचार और समर्पण के आधार पर चुने गए 38 सरकारी शिक्षकों को मंच पर मेडल, प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं शामिल हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चौथे चरण की शिक्षक बहाली (टीआरई-4) के माध्यम से 32 हजार से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षकों को हर महीने बिना देरी के वेतन देने के लिए एक स्थायी इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के लंबे समय से लंबित बकाया वेतन का भुगतान इसी सितंबर महीने में किया जाएगा। संस्थानों के आंतरिक अनुदान और सरकारी सहयोग को मिलाकर वित्त रहित शिक्षकों के लिए एक नया व्यवस्थित वेतनमान तैयार करने पर काम चल रहा है।
साथ ही, बिहार में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) का सेंटर खोलने का प्रयास जारी है। 

इसके अलावा, बीआईटी मेसरा के केंद्र का 2030 तक विस्तार किया जाएगा और राज्य में गुणवत्तापूर्ण निजी विश्वविद्यालयों को भी अवसर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। बिहार की ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करने में हमारे शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।