नीतीश की राजनीतिक विरासत पर कुशवाहा का दावा, जेडीयू-बीजेपी का पलटावार...निशांत मौजूद हैं, बाहरी चिंता न करें
बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। नालंदा में आयोजित राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के तीन दिवसीय समीक्षा शिविर के समापन सत्र में आरएलएम सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के एक बयान ने एनडीए के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कुशवाहा ने दावा किया कि नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से फुर्सत लेने के बाद उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का अधिकार आरएलएम को मिलना चाहिए।
DESWA DESK : बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। नालंदा में आयोजित राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के तीन दिवसीय समीक्षा शिविर के समापन सत्र में आरएलएम सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के एक बयान ने एनडीए के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कुशवाहा ने दावा किया कि नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से फुर्सत लेने के बाद उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का अधिकार आरएलएम को मिलना चाहिए।
नालंदा शिविर में समीक्षा का सार प्रस्तुत करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार और देश की राजनीति में एक समृद्ध विरासत बनाई है। नीतीश कुमार ने अब बिहार की राजनीति से फुर्सत ले ली है। जब तक वे पद पर रहे, उन्होंने जनता की निस्वार्थ सेवा की। उनके हटने के बाद बिहार की एक बड़ी जमात चिंतित है कि इस विरासत को कौन संभालेगा। दावा तो कई लोग करेंगे, लेकिन बिहार की जनता और बड़ी आबादी की आकांक्षा है कि नीतीश जी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का दायित्व राष्ट्रीय लोक मोर्चा संभाले।
उपेंद्र कुशवाहा के इस दावे पर सत्ताधारी जेडीयू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जदयू के वरिष्ठ नेता व बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने पलटवार करते हुए कुशवाहा के बयान को तवज्जो देने से इनकार कर दिया। जदयू ने साफ किया कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की मौजूदगी में किसी अन्य दल या बाहरी नेता को विरासत की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। मंत्री मदन सहनी ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के इस तरह के बयानों को पार्टी कोई खास गंभीरता से नहीं ले रही है।
वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि नीतीश कुमार ने अभी फुर्सत कहां लिया है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा जो विरासत का सवाल उठा रहे हैं, वह बेमतलब की बात है। अभी ऐसा कोई मौका ही नहीं है, उपेंद्र कुशवाहा के इस बात का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बिहार में लगातार सक्रिय हैं। अक्टूबर में वे यात्रा पर निकल सकते हैं। जदयू में कई बड़े चेहरे हैं, स्वयं उनके पुत्र निशांत कुमार हैं, जो उनकी विरासत संभाल सकते हैं।
कुशवाहा के इस बयान के बाद एनडीए के घटक दलों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर खींचतान और बढ़ने के आसार हैं।













