एमएलसी चुनाव से पहले जेडीयू में ऑल इज वेल? नीरज से नाराजगी के बीच प्रदेश अध्यक्ष से मिले अनंत सिंह, बिना कुछ बोले चले गए !

विधायक अनंत सिंह और एमएलसी नीरज कुमार एक साथ जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा से मिलने पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष के कमरे में तीनों नेताओं के बीच करीब 35 मिनट तक बंद कमरे में मैराथन बैठक हुई। हाईवोल्टेज बैठक खत्म होने के बाद जब छोटे सरकार के नाम से मशहूर अनंत सिंह बाहर निकले, तो मीडिया के तीखे सवालों पर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली। वे बिना कोई बयान दिए चुपचाप गाड़ी में बैठकर निकल गए।

एमएलसी चुनाव से पहले जेडीयू में ऑल इज वेल? नीरज से नाराजगी के बीच प्रदेश अध्यक्ष से मिले अनंत सिंह, बिना कुछ बोले चले गए !

DESWA DESK : बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर होने वाले आगामी एमएलसी चुनाव से पहले जेडीयू के भीतर उपजा सियासी घमासान अब शांत होता दिख रहा है। पार्टी एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा विधायक अनंत सिंह के बगावती तेवरों के बाद जेडीयू प्रदेश कार्यालय में भारी गहमागहमी देखने को मिली।

विधायक अनंत सिंह और एमएलसी नीरज कुमार एक साथ जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा से मिलने पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष के कमरे में तीनों नेताओं के बीच करीब 35 मिनट तक बंद कमरे में मैराथन बैठक हुई। हाईवोल्टेज बैठक खत्म होने के बाद जब छोटे सरकार के नाम से मशहूर अनंत सिंह बाहर निकले, तो मीडिया के तीखे सवालों पर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली। वे बिना कोई बयान दिए चुपचाप गाड़ी में बैठकर निकल गए।

हालांकि उनके रुख के विपरीत जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार के तेवर बदले नजर आए। जब मीडिया ने अनंत सिंह द्वारा पूर्व में दिए गए विरोधी बयानों पर सवाल पूछा, तो नीरज कुमार ने कहा कि अतीत में उन्होंने (अनंत सिंह) क्या कहा, उससे कोई मतलब नहीं है। आज उन्होंने कुछ गलत कहा क्या? उन्होंने दावा किया कि वो पूरी तरह से मेरे समर्थन में हैं।

दरअसल, यह पूरा विवाद तब गहराया था जब गुरुवार को बाढ़ के बेड़ना गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पीड़ित परिवारों से दोबारा मिलने पहुंचे अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया था। मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने खुलेआम ऐलान किया था कि वे आगामी पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का साथ नहीं देंगे।

अनंत सिंह ने कहा था कि पटना स्नातक सीट की सभी 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का पूरा समर्थन करेंगे। इस दौरान डॉ. अनुज भी उनके साथ मौजूद थे। अनंत सिंह के इस बगावती बयान के बाद सत्ताधारी खेमे में हड़कंप मच गया था। पटना स्नातक सीट जेडीयू के लिए प्रतिष्ठा का सवाल मानी जाती है, जिस पर फिलहाल नीरज कुमार का कब्जा है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले मोकामा विधायक के इस रुख से पार्टी की राह मुश्किल होती दिख रही थी।

सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष के साथ हुई इस 35 मिनट की सीक्रेट मीटिंग को पार्टी के आधिकारिक डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि बैठक के बाद नीरज कुमार ने भले ही 'ऑल इज वेल' का दावा कर दिया हो, लेकिन अनंत सिंह की चुप्पी यह इशारा कर रही है कि इस सियासी ड्रामे में अभी कई मोड़ आने बाकी हैं।