तेजस्वी यादव का सरकार पर करारा हमला; कहा-खुद उड़ने के बजाय बाढ़ प्रभावित इलाकों में एयरफोर्स से गिरवाएं खाने के पैकेट
राज्य सरकार पर केवल हवाई सर्वेक्षण करने का तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सिर्फ नेताओं के घूमने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि संकट की इस घड़ी में भारतीय वायुसेना (एयरफोर्स) की मदद ली जानी चाहिए ताकि दूर-दराज के इलाकों में खाने के पैकेट एयरड्रॉप किए जा सकें। तेजस्वी ने केंद्र सरकार से मांग की कि जहां नाव या गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां वायुसेना के माध्यम से राहत सामग्री और पेयजल वितरण सुनिश्चित किया जाए।
DESWA DESK : बिहार में नदियों के उफान और दियारा क्षेत्र में बाढ़ की बिगड़ती स्थिति को लेकर राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दियारा क्षेत्र के पूरी तरह जलमग्न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से तुरंत एक उच्चस्तरीय टीम बिहार भेजने और एयरफोर्स की मदद से राहत सामग्री वितरित कराने की मांग की है।
राज्य सरकार पर केवल हवाई सर्वेक्षण करने का तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सिर्फ नेताओं के घूमने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि संकट की इस घड़ी में भारतीय वायुसेना (एयरफोर्स) की मदद ली जानी चाहिए ताकि दूर-दराज के इलाकों में खाने के पैकेट एयरड्रॉप किए जा सकें। तेजस्वी ने केंद्र सरकार से मांग की कि जहां नाव या गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां वायुसेना के माध्यम से राहत सामग्री और पेयजल वितरण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही, केंद्र सरकार अपनी एक विशेष टीम तुरंत बिहार भेजे जो जमीनी हालात और हुए नुकसान का सटीक आकलन करे। इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि राज्य में इतनी बड़ी आपदा आई है, लेकिन केंद्र की ओर से संवेदनहीनता दिख रही है। अगर यही चुनाव का समय होता, तो अब तक प्रधानमंत्री बिहार में कई रैलियां कर चुके होते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दियारा समेत अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीने का पानी और कम्युनिटी किचन जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह ठप हैं।
चिराग पासवान को 2030 में मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर चुटकी लेते हुए तेजस्वी के कहा कि बिहार में तो हर कोई सीएम बनना चाहता है। चिराग, मांझी और बीजेपी-जेडीयू के कई नेता इस रेस में हैं। लेकिन फिलहाल राजनीति छोड़ बाढ़ पीड़ितों की जान बचाना एनडीए नेताओं की प्राथमिकता होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का बाढ़ प्रबंधन कागजों तक सीमित है। पीड़ितों को न तो पर्याप्त राहत सामग्री मिल रही है और न ही रहने के लिए पर्याप्त शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार को बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के बिहार के बाढ़ पीड़ितों की दिल खोलकर मदद करनी चाहिए।













