Chaitra Chhath 2026: नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ चैती छठ महापर्व, घाटों पर उमड़ी आस्था की भीड़

लोक आस्था, पवित्रता और अनुशासन का प्रतीक महापर्व चैती छठ आज नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में श्रद्धालु भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना कर अपने परिवार, खासकर संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में छठ को लेकर गहरी आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। पटना के....

Chaitra Chhath 2026: नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ चैती छठ महापर्व, घाटों पर उमड़ी आस्था की भीड़

लोक आस्था, पवित्रता और अनुशासन का प्रतीक महापर्व चैती छठ आज नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में श्रद्धालु भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना कर अपने परिवार, खासकर संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में छठ को लेकर गहरी आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। पटना के गंगा घाटों पर सुबह से ही व्रतियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं पवित्र गंगा में स्नान कर व्रत की शुरुआत कर रही हैं। व्रतियों का कहना है कि छठ व्रत संतान के सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए किया जाता है, और यह सबसे कठिन व्रतों में से एक है, जिसमें 36 घंटे का निर्जला उपवास रखा जाता है।

चार दिनों का पूरा विधान:
पहला दिन (22 मार्च)  नहाय-खाय के दिन व्रती पवित्र स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं। वहीं दूसरे दिन खरना को दिनभर व्रत के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है।तीसरे दिन  व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मैया की पूजा करते हैं और चौथा दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही व्रत का समापन होता है। बता दें कि छठ महापर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति और सूर्य उपासना का अद्भुत संगम है। यह पर्व सिखाता है कि जीवन में हर अंधकार के बाद प्रकाश जरूर आता है। सूर्य देव, जो संपूर्ण सृष्टि के ऊर्जा स्रोत हैं, उनकी आराधना से स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

 प्रशासन अलर्ट, घाटों पर चाक-चौबंद व्यवस्था
बता दें कि छठ महापर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। 25 मार्च तक घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम और शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था,मेडिकल कैंप और आपात सेवाएं,वॉच टावर और कंट्रोल रूम,भीड़ नियंत्रण के लिए माइक और बैरिकेडिंग। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, सभी घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। महिला और पुरुष पुलिस के साथ-साथ गश्ती दल और पेट्रोलिंग वाहन लगातार निगरानी कर रहे हैं। छठ महापर्व एक ऐसा अनूठा पर्व है, जहां आस्था, तपस्या और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। चार दिनों तक चलने वाला यह व्रत समाज में अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है।