बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय ने चार वर्षों में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित की नई पहचान, स्थापना दिवस पर  मंत्री ने की बड़ी घोषणा

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के स्थायी भवन के निर्माण के लिए 66.92 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा इसका लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय में एम.टेक. तथा पांच प्रमुख अभियंत्रण शाखाओं में पीएच.डी. कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने को तकनीकी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय ने चार वर्षों में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित की नई पहचान, स्थापना दिवस पर  मंत्री ने की बड़ी घोषणा

DESWA DESK : पटना के बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय का चौथा स्थापना दिवस समारोह आज आयोजित किया गया। समारोह में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मंत्री शीला कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेशकांत वर्मा ने की। 

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय ने मात्र चार वर्षों में तकनीकी शिक्षा, समयबद्ध परीक्षा प्रणाली, डिजिटल प्रशासन, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के स्थायी भवन के निर्माण के लिए 66.92 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा इसका लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय में एम.टेक. तथा पांच प्रमुख अभियंत्रण शाखाओं में पीएच.डी. कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने को तकनीकी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) भविष्य की तकनीक है और बिहार सरकार युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, उद्योगों से बेहतर जुड़ाव तथा स्टार्टअप एवं नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

अंत में मंत्री ने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ज्ञान, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से विकसित बिहार के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा, वरीय अधिकारी, विभागीय पदाधिकारी, शिक्षक एवं अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर आईआईटी के प्रो. राजीव मिश्रा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर एक विशेष व्याख्यान भी प्रस्तुत किया गया।