बिहार के छह करोड़ लोगों की होगी स्वास्थ्य जांच; हर नागरिक का होगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री ने 38 जिलों में भेजा रथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के नागरिकों को समय पर जांच, समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने सभी नागरिकों से 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि इस विशेष अभियान का मॉनिटरिंग करें ताकि इस अभियान का उद्देश्य पूरा हो सके। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को हरित पौधा भेंटकर स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' कार्यक्रम पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के सभी 38 जिलों के लिए जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेगा।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के निर्देशन में इस अभियान की शुरूआत की जा चुकी है। बिहार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत इस काम को देख रहे है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को बीमारी के गंभीर होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जांच इसलिए कराएं ताकि आप बीमार ही न पड़ें। बीमारी की पहचान समय पर होगी, तभी सही और प्रभावी इलाज संभव हो सकेगा। अभियान के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर प्राथमिक जांच एवं परामर्श देंगे तथा जरूरत के अनुसार मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला अस्पताल तक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान में मधुमेह, रक्तचाप, सामान्य कैंसर, हृदय रोग, सांस एवं फेफड़ों से संबंधित रोग तथा फैटी लिवर की स्क्रीनिंग की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। अस्पतालों से मरीजों के रेफरल में कमी आई है तथा जिला अस्पतालों में सर्जरी की संख्या बढ़ी है। जून में जहां 2428 ऑपरेशन किया गया था, वह बढ़कर इस माह में 8000 से अधिक हो गया है। जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में पहले 36 प्रकार की बीमारियों की सर्जरी हो रही थी, वह बढ़कर अब 45 प्रकार की हो गई है। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि एनीमिया की जांच का अभियान भी चल रहा है, जिसके तहत एक करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही बिहार के छह करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग कर उनका हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने का लक्ष्य है।
इस स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर उपचार में इसका प्रभावी उपयोग किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब परिवार स्वस्थ होगा तो परिवार खुशहाल होगा तो राज्य समृद्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिए बिहार के सभी लोगों का स्वस्थ रहना जरूरी है। बिहार के बच्चे, युवा, माता-बहनें सभी को स्वस्थ रखते हुये पूरे परिवार को स्वस्थ रखना है। सभी इस अभियान में अपना सहयोग दें, अपनी बीमारी का इलाज कराये ताकि उसका ससमय उपचार हो सके। हमारी राज्य के लोगों से अपील है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने परिवार के 30 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मानव संसाधन को भी मजबूत किया जा रहा है। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें और वे देश के अलावा विदेशों में भी उन्हें रोजगार के अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 'मिशन कायाकल्प' लाया जाएगा। इसके माध्यम से पीएचसी, एपीएचसी और सब-सेंटरों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त एवं बेहतर किया जाएगा, ताकि लोगों को उनके नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के नागरिकों को समय पर जांच, समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने सभी नागरिकों से 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि इस विशेष अभियान का मॉनिटरिंग करें ताकि इस अभियान का उद्देश्य पूरा हो सके। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को हरित पौधा भेंटकर स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' कार्यक्रम पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव प्रत्यत अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रबंध निदेशक अमित कुमार पाण्डेय सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।













