किसी भी मरीज को इलाज के लिए भर्ती होने में दिक्कत न हो, प्रमंडलीय आयुक्त ने पीएमसीएच के लिए जारी किए कई निर्देश

सहज, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अस्पतालों के कामकाज एवं सुविधाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए सभी को सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना होगा। प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने पीएमसीएच के रोगी कल्याण समिति की बैठक में शनिवार को यह बातें कही।

किसी भी मरीज को इलाज के लिए भर्ती होने में दिक्कत न हो, प्रमंडलीय आयुक्त ने पीएमसीएच के लिए जारी किए कई निर्देश

DESWA DESK : सहज, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अस्पतालों के कामकाज एवं सुविधाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए सभी को सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना होगा। प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने पीएमसीएच के रोगी कल्याण समिति की बैठक में शनिवार को यह बातें कही।

उन्होंने कहा कि पीएमसीएच के रोगियों को काफी अच्छी सुविधा मिल रही है, पर इसमें लगातार सुधार के प्रयास जारी रखने चाहिए। किसी भी मरीज को इलाज के लिए भर्ती होने में दिक्कत न हो, उनका सहूलियत से इलाज हो, इसे हर हालत में सुनिश्चित किया जाये। जांच अथवा इलाज के लिए के लिए जितनी भी मशीनें खरीदी गई है, उन्हें शीघ्र चालू किया जाए ताकि जरूरतमंदों को उनका लाभ मिल सके। इसके लिए यदि टेक्निशियनों की जरूरत हो तो उसकी बहाली के लिये विभाग से अनुरोध किया जाए।

बैठक में पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि 26 जनवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 के बीच ओपीडी में 2 लाख 73 हजार से अधिक मरीजों को देखा गया है एवं आवश्यकतानुसार इनमें से 1,07,874 मरीज को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया है।  प्रमंडलीय आयुक्त ने गंगा पाथवे की तरफ से प्रवेश एवं निकास द्वार के लिए चिन्हित स्थल पर बीएमएसआईसीएल के माध्यम से शीघ्र चेक पोस्ट निर्माण कराने को कहा। इससे इलाज के लिए दूरदराज से आने वाले मरीजों को सहूलियत होगी। अस्पताल के मुख्य प्रवेश एवं निकास द्वार को भी अवरोध मुक्त रखने का निर्देश दिया गया। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पीएमसीएच प्रशासन द्वारा आपातकालीन इकाई, विभागों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है। सभी पदाधिकारी इसका अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में रोगी कल्याण समिति द्वारा प्रस्तावित एजेंडा पर चर्चा की गई। अस्पताल के प्रबंधन एवं संचालन पर विस्तृत विमर्श किया गया। मरीजों के हित में दवाओं एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता, इमर्जेंसी, ऑपरेशन, पैथोलॉजी, एमआरआई, अल्ट्रासाउण्ड, साफ-सफाई समेत अन्य सुविधाओं पर समिति के सदस्यों ने चर्चा की। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हमेशा बनी रहे तथा दवा आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो, इसे सुनिश्चित किया जाए। पीएमसीएच में कार्यरत गृह रक्षा वाहिनी के सभी सदस्यों के लिए बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज करवाने का निर्देश भी प्रमंडलीय आयुक्त ने अधीक्षक को दिया।

ओपीडी का स्थानांतरण नए भवन में हो जाने के वजह से ओपीडी से अमृत फार्मेसी की दूरी काफी बढ़ गई है। मरीजों को इससे असुविधा हो रही है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्यकारी एजेंसी एल एण्ड टी को निर्देश दिया कि एक महीना के अंदर अमृत फार्मेसी को नए ओपीडी भवन के निकट बना दें। अन्य भवनों के निर्माण को जल्द पूरा कर पीएमसीएच को हैंड ओवर करने का निर्देश भी कार्यकारी एजेंसी को दिया गया। बैठक में उपविकास आयुक्त शुभम कुमार, आयुक्त के सचिव विनय कुमार, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी, पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. वाईपी मंडल समेत रोगी कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित थे।