ट्रेन के फर्स्ट क्लास में सफर और 70 लीटर ब्रांडेड शराब; समस्तीपुर में हाई-प्रोफाइल तस्करी का भंडाफोड़, बीटेक छात्र के साथ नेहा झा गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से समस्तीपुर के सिंघिया थाना इलाके के बारी गांव की रहने वाली नेहा झा और उसकी बहन के बीटेक पास देवर ईशान कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इस हाईप्रोफाइल नेटवर्क की सबसे सनसनीखेज बात यह है कि इस गोरखधंधे के पीछे काले कपड़े में काली कमाई करने वाली कोई एक युवती नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार का संगठित तंत्र काम कर रहा है। पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे हैरान करने वाली हैं। नेहा के पिता पंकज झा पहले शराब के मामले में जेल जा चुके हैं।
DESWA DESK : काले कपड़े, मॉडर्न अंदाज, चेहरे पर आत्मविश्वास और ट्रेन के सबसे महंगे एसी फर्स्ट क्लास का टिकट। साथ में आठ चमचमाते महंगे ब्रीफकेस और दो बड़े ट्रेवल बैग। देखने वाले को लगे कि किसी बेहद अमीर परिवार की कोई युवती दिल्ली से बिहार लौट रही है। लेकिन समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर जैसे ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने इन महंगे ब्रीफकेस और दो बड़े ट्रेवल बैग की तलाशी ली, इस तथाकथित शाही सफर की पोल खुल गई। काले कपड़े के भीतर का काला सच सामने आ गया। बैगों के अंदर से कपड़ों या सामान की जगह डेढ़ लाख रुपये मूल्य की 70 बोतल प्रीमियम शराब की बोतलें बरामद हुईं।
पुलिस ने मौके से समस्तीपुर के सिंघिया थाना इलाके के बारी गांव की रहने वाली नेहा झा और उसकी बहन के बीटेक पास देवर ईशान कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इस हाईप्रोफाइल नेटवर्क की सबसे सनसनीखेज बात यह है कि इस गोरखधंधे के पीछे काले कपड़े में काली कमाई करने वाली कोई एक युवती नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार का संगठित तंत्र काम कर रहा है। पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे हैरान करने वाली हैं। नेहा के पिता पंकज झा पहले शराब के मामले में जेल जा चुके हैं।
चार बहनों में सबसे छोटी नेहा की बड़ी बहन निशु झा को दरभंगा पुलिस शराब तस्करी में दो बार जेल भेज चुकी है।
बताया जा रहा है कि इस रैकेट में नेहा की मां भी शामिल थीं, जो बी-3 बोगी में सफर कर रही थीं और चेकिंग के दौरान बैग लेकर मौके से गायब होने में सफल रहीं। नेहा के साथ पकड़ा गया ईशान कुमार बीटेक इंजीनियर है, जो कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लालच में इस अवैध धंधे का हिस्सा बन गया।
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार नेहा की दरभंगा के कई बड़े, रसूखदार और पैसे वाले लोगों के बीच अच्छी पैठ थी। दावा किया जा रहा है कि वह दिल्ली से लाई गई इस महंगी शराब की होम डिलीवरी सीधे डॉक्टरों और नामचीन हस्तियों के घरों तक करती थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस दावे की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। जीआरपी इंस्पेक्टर बीरबल कुमार के मुताबिक पुलिस अब दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल पेमेंट ट्रांसफर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट्स को खंगाल रही है।
पुलिस की जांच अब तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है। दिल्ली में इस शराब का मुख्य सप्लायर कौन है? दरभंगा में किन-किन रसूखदारों को इसकी डिलीवरी दी जानी थी? और, क्या इस गिरोह में कुछ अन्य युवतियां भी शामिल हैं? समस्तीपुर में हुई इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि शराब माफिया अब पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रेनों की प्रीमियम बोगियों और हाईप्रोफाइल लड़कियों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन मुस्तैद जीआरपी और आरपीएफ ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया है।













