टोल के बोझ तले दबा ट्रांसपोर्ट उद्योग; दस टन की गाड़ी पर नौ रुपये प्रति किमी टैक्स ! भड़के ट्रक मालिकों ने गडकरी से की इस्तीफे की मांग
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ट्रांसपोर्ट उद्योग पर लगातार बढ़ते टोल टैक्स और महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है। कमर्शियल वाहनों पर बढ़ते टोल दरों से नाराज ट्रक मालिकों और ट्रांसपोर्ट संगठनों का गुस्सा अब केंद्र सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर फूट पड़ा है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट ट्रक एसोसिएशन (एआईटीटीए) समेत कई संगठनों ने टोल टैक्स में तत्काल समीक्षा और राहत की मांग की है।
DESWA DESK : देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ट्रांसपोर्ट उद्योग पर लगातार बढ़ते टोल टैक्स और महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है। कमर्शियल वाहनों पर बढ़ते टोल दरों से नाराज ट्रक मालिकों और ट्रांसपोर्ट संगठनों का गुस्सा अब केंद्र सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर फूट पड़ा है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट ट्रक एसोसिएशन (एआईटीटीए) समेत कई संगठनों ने टोल टैक्स में तत्काल समीक्षा और राहत की मांग की है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि आज दस टन की कमर्शियल गाड़ी पर टोल का औसत बोझ लगभग नौ रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंच गया है। इस भारी भरकम दर के कारण लंबी दूरी की गाड़ियां चलाना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट ट्रक एसोसिएशन की मानें तो पांच सौ किलोमीटर पर 45 सौ रुपये टोल देना पड़ रहा है। इसी प्रकार एक हजार किलोमीटर पर नौ हजार, जबकि दो हजार किलोमीटर पर 18 हजार रुपये सिर्फ टोल टैक्स देना पड़ रहा है। ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि वे पहले से ही लगातार बढ़ती परिचालन लागत से जूझ रहे हैं।
डीजल की कीमतों में उछाल ने माल ढुलाई का बजट बिगाड़ दिया है। इसके साथ ही गाड़ियो के मेंटेनेंस, टायर, स्पेयर पार्ट्स आदि के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके साथ-साथ कमर्शियल वाहनों के इंश्योरेंस में बढ़ोतरी ने ट्रक ऑपरेटरों की कमर तोड़ कर रख दी है। इन सबके उपर हर कुछ महीने में टोल दरों में की जाने वाली बढ़ोतरी से मार्जिन पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसको देखते हुए ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट ट्रक एसोसिएशन के सदस्य सोशल मीडिया और विरोध प्रदर्शनों के जरिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। कई ऑपरेटरों ने कड़े शब्दों में नाराजगी जताते हुए मंत्रालय के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं और नीतियों में व्यापक बदलाव की मांग की है।
ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट ट्रक एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि कमर्शियल वाहनों के टोल टैक्स की नीतियों पर पुनर्विचार किया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि यदि ट्रांसपोर्ट उद्योग को राहत नहीं दी गई तो कई छोटे ऑपरेटर गाड़ियां खड़ी करने पर मजबूर हो जाएंगे जिससे देश भर में सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट ट्रक एसोसिएशन के सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ट्रक मालिक कमाएगा क्या और बचाएगा क्या? सरकार को तुरंत कमर्शियल वाहनों के टोल टैक्स की समीक्षा करनी चाहिए और राहत पैकेज या दरों में कटौती का एलान करना चाहिए।













