मुजफ्फरपुर में परिवहन विभाग का अजीबोगरीब कारनामा; खड़ी क्षतिग्रस्त कार का काट दिया 75 सौ का ई-चालान !

मुजफ्फरपुर जिले में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद कबाड़ बनकर खड़ी चार पहिया वाहन का विभाग ने ओवरस्पीडिंग का ई-चालान काट दिया है। विभाग की इस अनोखी डिजिटल लापरवाही का शिकार बने वाहन मालिक ने अब न्याय के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

मुजफ्फरपुर में परिवहन विभाग का अजीबोगरीब कारनामा; खड़ी क्षतिग्रस्त कार का काट दिया 75 सौ का ई-चालान !

DESWA DESK : मुजफ्फरपुर जिले में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद कबाड़ बनकर खड़ी चार पहिया वाहन का विभाग ने ओवरस्पीडिंग का ई-चालान काट दिया है। विभाग की इस अनोखी डिजिटल लापरवाही का शिकार बने वाहन मालिक ने अब न्याय के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

मामला मारुति बलेनो कार (बीआर06एएल-9427) से जुड़ा है। 14 फरवरी 2025 को कांटी थाना क्षेत्र में इस वाहन की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े शंभू साह नाम के व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में मृतक की पत्नी मालती देवी ने कांटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस भीषण दुर्घटना के बाद से ही यह गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में चलने में असमर्थ खड़ी है।

हैरानी की बात तब सामने आई जब हादसे के ठीक चार महीने बाद 13 जून 2025 को परिवहन विभाग द्वारा इसी वाहन पर ओवरस्पीडिंग का हवाला देते हुए 75 सौ रुपये का ई-चालान जारी कर दिया गया। पारू के बरतौलिया निवासी वाहन मालिक विकास कुमार पटेल ने इस कार्रवाई को पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि जो गाड़ी एक्सीडेंट के बाद महीनों से बंद पड़ी है और चलने की स्थिति में ही नहीं है, वह सड़क पर दौड़कर ओवरस्पीडिंग कैसे कर सकती है?

वाहन मालिक ने पूछा है कि जो गाड़ी खड़ी है, वह सड़क पर कैसे दौड़ी? जब वाहन 14 फरवरी के हादसे के बाद से क्षतिग्रस्त होने के कारण लगातार बंद है, तो जून में ओवरस्पीडिंग का चालान कैसे संभव है? उन्होंने कहा है कि ई-चालान के साथ नियम के मुताबिक कोई डिजिटल साक्ष्य, जैसे-फोटो या स्पीड रडार वीडियो भी संलग्न नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, लोकेशन में भी बड़ा अंतर है। 14 फरवरी के हादसे का स्थल अहियारी चौक, जैतपुर था, जबकि नए चालान में घटनास्थल रामदयालु नगर दर्शाया गया है।

वाहन मालिक विकास कुमार पटेल ने कहा कि वाहन पूर्व में मुजफ्फरपुर डीटीओ ने मामले को देखते हुए मानवीय आधार पर पांच हजार का जुर्माना माफ किया था, लेकिन अब बिना किसी भौतिक सत्यापन के 75 सौ का नया चालान जारी कर दिया गया है। 13 जून के कथित अपराध का कोई डिजिटल प्रमाण विभाग के पास नहीं है। एक तरफ जहां दुर्घटना पीड़ित परिवार न्याय का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुझे फर्जी चालान की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री सचिवालय से इस चालान को तत्काल रद्द करने की गुहार लगाई है।