बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: बक्सर से भागलपुर तक बनेगा 336 किमी का सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 13 एजेंडों पर मुहर

राज्य सरकार ने बिहार में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें सबसे प्रमुख फैसला बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी देना है। यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड तरीके से तैयार किया जाएगा। यह बक्सर से शुरू होकर भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गयाजी, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, मुंगेर और बांका होते हुए भागलपुर तक पहुंचेगा। इसके बनने से दक्षिण और पूर्वी बिहार के बीच सफर का समय काफी घट जाएगा और यातायात बेहद सुगम होगा।

बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: बक्सर से भागलपुर तक बनेगा 336 किमी का सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 13 एजेंडों पर मुहर


DESWA DESK : राज्य सरकार ने बिहार में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें सबसे प्रमुख फैसला बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी देना है।

यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड तरीके से तैयार किया जाएगा। यह बक्सर से शुरू होकर भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गयाजी, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, मुंगेर और बांका होते हुए भागलपुर तक पहुंचेगा। इसके बनने से दक्षिण और पूर्वी बिहार के बीच सफर का समय काफी घट जाएगा और यातायात बेहद सुगम होगा।

कैबिनेट ने इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बिहार राज्य सड़क विकास निगम (बीएसआरडीसीएल) के माध्यम से विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए कंसलटेंट और क्रियान्वयन के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की सेवाएं ली जाएंगी। एक्सप्रेसवे के आसपास के बड़े भूखंडों को व्यावसायिक व औद्योगिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

सहकारिता क्षेत्र को मजबूती देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन के गोदामों के निर्माण की योजना को मंजूरी मिली। 52 चयनित समितियों को 50 फीसदी अनुदान व 50 फीसदी चक्रीय पूंजी के रूप में 34.95 करोड़ स्वीकृत किए गए। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 में 63.92 करोड़ की लागत वाली नस्ल सुधार योजना को कॉम्फेड के माध्यम से चलाने की स्वीकृति दी गई।

 नरपतगंज सिंचाई प्रमंडल के अंतर्गत जानकीनगर शाखा नहर व जुड़ी नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन के लिए 30.35 करोड़ की मंजूरी दी गई है। कटिहार प्रमंडल के अंतर्गत कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर और सेमापुर उप-वितरणियों के जीर्णोद्धार के लिए 35.82 करोड़ की प्रशासनिक व व्यय स्वीकृति दी गई है।