पुलिस की उगाही और खौफ से युवक ने दी जान; मंत्री मदन सहनी का बिहार पुलिस पर बड़ा हमला, बोले-अपराधियों से ज्यादा खाकी का खौफ
बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने अपनी ही सरकार की पुलिस कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में अब आम जनता को अपराधियों से ज्यादा पुलिस का डर सता रहा है। दरभंगा के खराजपुर में पुलिस के कथित दबाव और अवैध वसूली की मांग से तंग आकर 20 वर्षीय युवक मोनू कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद मंत्री का यह तीखा बयान सामने आया है।
DESWA DESK : बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने अपनी ही सरकार की पुलिस कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में अब आम जनता को अपराधियों से ज्यादा पुलिस का डर सता रहा है। दरभंगा के खराजपुर में पुलिस के कथित दबाव और अवैध वसूली की मांग से तंग आकर 20 वर्षीय युवक मोनू कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद मंत्री का यह तीखा बयान सामने आया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब मोनू कुमार ने हाल ही में दो हजार में एक पुराना मोबाइल खरीदा था। आरोप है कि बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोबाइल को चोरी का बताकर जब्त कर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने केस में फंसाने की धमकी देकर युवक पर दो से तीन लाख रुपये देने का भारी दबाव बनाया। मुकदमे और जेल जाने के डर को 20 साल का नवयुवक झेल नहीं सका और उसने अपने घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
युवक की मौत से बेखबर वही पुलिसकर्मी अगले दिन फिर सादी वर्दी में पहुंचे, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। एसडीपीओ ने स्वीकार किया कि मोबाइल जांच और केस दर्ज होने के खौफ की वजह से ही युवक ने आत्महत्या का कदम उठाया।
पीड़ित परिवार ने मंत्री मदन सहनी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई और सीसीटीवी फुटेज सौंपे, जिसमें पुलिसकर्मी पिस्टल ताने दिख रहे हैं। परिजनों ने पुलिस पर तीन राउंड फायरिंग का भी आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री मदन सहनी ने दरभंगा पुलिस और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कई गंभीर सवाल दागे। उन्होंने कहा कि पुलिस ही डराएगी तो अपराधियों की क्या जरूरत? मंत्री ने कहा कि सिपाही से लेकर दारोगा और अधिकारी तक आम जनता को प्रताड़ित कर अवैध वसूली कर रहे हैं। जब पुलिस ही खुलेआम पिस्टल तानकर उगाही करेगी, तो समाज को अपराधियों की जरूरत ही नहीं बचेगी।
मंत्री ने आरोप लगाया कि संवेदनहीनता की हद यह रही कि पुलिस प्रशासन ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने तक के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि 20 साल का युवक कोई बड़ा आतंकी या गैंगस्टर नहीं था, जिसके लिए सादी वर्दी में बिना नंबर की गाड़ियों से आकर डराया-धमकाया जाए। मंत्री मदन सहनी ने दरभंगा के एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि पुलिस की इस तानाशाही और अवैध उगाही पर जल्द रोक नहीं लगी, तो उन्हें आगे कड़ा रुख अपनाने पर विचार करना पड़ेगा।













