पटना जिले में नीलाम पत्र वाद के सबसे अधिक मामले, दूसरे और तीसरे नंबर पर ये जिले..प्रमंडलीय आयुक्त ने जारी किया बड़ा निर्देश
सभी जिले नीलाम पत्र वाद के लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाएं। प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने पटना प्रमंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेट केस के पटना जिले में 34,331, नालंदा में 21,334, भोजपुर में 15,924, बक्सर में 13,886, रोहतास में 30,679 तथा कैमूर में 17,870 मामले लंबित हैं। इन मामलों का विशेष ध्यान देकर निष्पादन किया जाना आवश्यक है।
DESWA DESK : सभी जिले नीलाम पत्र वाद के लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाएं। प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने पटना प्रमंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेट केस के पटना जिले में 34,331, नालंदा में 21,334, भोजपुर में 15,924, बक्सर में 13,886, रोहतास में 30,679 तथा कैमूर में 17,870 मामले लंबित हैं। इन मामलों का विशेष ध्यान देकर निष्पादन किया जाना आवश्यक है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों से कहा कि जिले के सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों के साथ इनकी साप्ताहिक समीक्षा करें ताकि इनके निष्पादन में तेजी लाई जा सके। जिला पदाधिकारियों से कहा गया कि नीलाम पत्र वाद से संबंधित बैठक में पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहें। लंबित मामलों की थानावार सूची बनाकर थाना के माध्यम से तामिला कराया जाए। पुराने केसों को पहले निपटाया जाए, फिर नए मामलों पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही, कैंप आयोजित कर भी इन लंबित मामलों के निपटारा में तेजी लाएं।
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जून 2026 में नीलाम पत्र के मामलों से पटना जिले में 5 करोड़ 98 लाख, नालंदा में 1 करोड़ 76 लाख, भोजपुर में 18 लाख 72 हजार, बक्सर में 1 करोड़ 20 लाख, रोहतास में 1 करोड़ 80 लाख एवं कैमूर में 1 करोड़ 67 लाख की वसूली की गई है। प्रमंडलीय आयुक्त ने इसमें और वृद्धि करने के निर्देश दिए।
साथ ही, व्यक्तिगत गिरफ्तारी वारंटों का थाना के माध्यम से तालिमा एवं उनके एक्जेक्यूशन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल, आयुक्त के सचिव विनय कुमार एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से प्रमंडल के सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारी जुड़े हुए थे।













