पंचायती राज मंत्री को बड़ी राहत : देवेश कुमार की खाली सीट पर दीपक प्रकाश बने एमएलसी, राज्यपाल ने दी मंजूरी
राज्य के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बड़ी राहत मिल गई है। राज्यपाल ने भाजपा नेता देवेश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद सीट पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के नेता और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मनोनयन को मंजूरी दे दी है। इस मनोनयन के बाद अब दीपक प्रकाश विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं और उनके मंत्री पद पर मंडरा रहा कानूनी खतरा टल गया है।
DESWA DESK : राज्य के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बड़ी राहत मिल गई है। राज्यपाल ने भाजपा नेता देवेश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद सीट पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के नेता और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मनोनयन को मंजूरी दे दी है। इस मनोनयन के बाद अब दीपक प्रकाश विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं और उनके मंत्री पद पर मंडरा रहा कानूनी खतरा टल गया है।
दरअसल, दीपक प्रकाश बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में समाजसेवी राकेश कुमार सिंह की ओर से याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब तलब किया था। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के तुरंत बाद राष्ट्रीय एनडीए के भीतर शीर्ष स्तर पर मंथन शुरू हुआ।
गठबंधन धर्म और संवैधानिक बाध्यता को देखते हुए भाजपा के विधान पार्षद देवेश कुमार ने आगे बढ़कर विधान परिषद की सदस्यता से अपना त्यागपत्र सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंप दिया था। राज्यपाल कोटे से मार्च 2021 में एमएलसी मनोनीत किए गए देवेश कुमार का कार्यकाल मार्च 2027 तक शेष था। लेकिन गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश की कुर्सी बचाने के लिए देवेश कुमार ने स्वेच्छा से अपना पद छोड़ दिया।
देवेश कुमार ने स्पष्ट किया कि एनडीए के घटक दलों के बीच सामंजस्य और संवैधानिक नियमों का पालन सर्वोपरि है, जिसके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया। देवेश कुमार के त्यागपत्र के बाद कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल ने रिक्त सीट पर दीपक प्रकाश के मनोनयन की प्रक्रिया पूरी कर दी।













