राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बिहार की दो शिक्षिकाओं का चयन, पुष्पा और खुशबू ने गोपालगंज-बांका का बढ़ाया मान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद और बांका जिले के बिदायडीह स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका खुशबू कुमारी का चयन किया गया है। दोनों शिक्षिकाओं को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि इस दोनों शिक्षिकाओं ने बिहार का मान बढ़ाया है। ये बिहार के लिए गौरव की बात है। दोनों शिक्षिकाएं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा के क्षेत्र के इनके कार्यों और योगदान के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।
DESWA DESK : बिहार के शिक्षा जगत के लिए एक गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 की सूची में राज्य की दो उत्कृष्ट महिला शिक्षिकाओं ने अपनी जगह बनाई है। इस वर्ष बिहार से गोपालगंज और बांका जिले की शिक्षिकाओं खुशबू कुमारी एवं पुष्पा प्रसाद का चयन इस सर्वोच्च सम्मान के लिए किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद और बांका जिले के बिदायडीह स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका खुशबू कुमारी का चयन किया गया है। दोनों शिक्षिकाओं को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि इस दोनों शिक्षिकाओं ने बिहार का मान बढ़ाया है। ये बिहार के लिए गौरव की बात है। दोनों शिक्षिकाएं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा के क्षेत्र के इनके कार्यों और योगदान के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।
पांच सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह के दौरान देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों शिक्षिकाओं को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी। पुरस्कार के रूप में उन्हें रजत पदक, 50 हजार रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दोनों शिक्षिकाओं के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें ढेरों बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षिकाओं की यह उपलब्धि न केवल उनके जिले, बल्कि पूरे बिहार के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। शिक्षण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार और समर्पण भाव ने आज उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है। यह सफलता राज्य के अन्य शिक्षकों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और नवाचार के साथ करने के लिए प्रेरित करेगी।
चयनित शिक्षिकाओं ने अपने-अपने विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर को सुधारने, बच्चों के नामांकन दर में वृद्धि करने और शिक्षण की आधुनिक तकनीकों टीएलएम और डिजिटल लर्निंग के प्रभावी उपयोग में अभूतपूर्व योगदान दिया है। इस उपलब्धि की सूचना मिलते ही गोपालगंज और बांका जिलों सहित पूरे प्रदेश के शैक्षणिक गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। दोनों शिक्षिकाओं के विद्यालयों और गृह जिलों में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।













