पटना समेत आठ हाईकोर्ट को मिले नए मुख्य न्यायाधीश, केंद्र सरकार ने दी कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर मुहर लगाते हुए केंद्र सरकार ने पटना समेत देश के आठ प्रमुख उच्च न्यायालयों (हाईकोर्ट) में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के साथ ही पटना, बॉम्बे, कलकत्ता और राजस्थान समेत आठ राज्यों के उच्च न्यायालयों को नए मुख्य न्यायाधीश मिल गए हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने कॉलेजियम की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए इन जजों को विभिन्न हाईकोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।

पटना समेत आठ हाईकोर्ट को मिले नए मुख्य न्यायाधीश, केंद्र सरकार ने दी कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी
जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव

DESWA DESK : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर मुहर लगाते हुए केंद्र सरकार ने पटना समेत देश के आठ प्रमुख उच्च न्यायालयों (हाईकोर्ट) में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के साथ ही पटना, बॉम्बे, कलकत्ता और राजस्थान समेत आठ राज्यों के उच्च न्यायालयों को नए मुख्य न्यायाधीश मिल गए हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने कॉलेजियम की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए इन जजों को विभिन्न हाईकोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।

दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ और अनुभवी जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को देश के सबसे पुराने और प्रमुख उच्च न्यायालयों में से एक बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है। इसके साथ ही, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।

आठ उच्च न्यायालयों में पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति से इन राज्यों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आने की उम्मीद है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए मुख्य न्यायाधीशों के पदभार ग्रहण करने से न्याय प्रणाली अधिक सशक्त होगी और आम जनता को समय पर न्याय मिलने की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। जल्द ही संबंधित राज्यों के लोकभवनों में आयोजित औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह में नए मुख्य न्यायाधीश अपने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।