अब राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज, पटना जिले में कहां-कहां एक जुलाई से होगी पढ़ाई..?

राज्य सरकार के आदेश के आलोक में पटना जिले में एक जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित सात प्रखंडों. अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी खुसरूपुर, मनेर तथा संपतचक.में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी ने आज सभी संबंधित अधिकारियों के साथ इसकी तैयारियों की समीक्षा की।

अब राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज, पटना जिले में कहां-कहां एक जुलाई से होगी पढ़ाई..?

DESWA DESK : बिहार को शैक्षिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए संकल्पित सम्राट सरकार ने राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। अब बिहार के सभी प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई होगी। एक जुलाई से पटना जिले के भी सभी वैसे प्रखंड जहां डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां डिग्री की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। सम्राट सरकार की इस घोषणा से प्रखंडों में उत्सवी माहौल है। 

राज्य सरकार के आदेश के आलोक में पटना जिले में एक जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित सात प्रखंडों. अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी खुसरूपुर, मनेर तथा संपतचक.में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी ने आज सभी संबंधित अधिकारियों के साथ इसकी तैयारियों की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय 'उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य' के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में एक जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसमें पटना जिला के सात प्रखंड भी शामिल हैं। आज इसकी तैयारियों की समीक्षा की गई है। 
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के संचालन के लिए अस्थायी तौर पर भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। 

जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेज के स्थायी भवनों के लिए जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। सरकार के निर्देश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ तथा नगर क्षेत्रों में न्यूनतम 2.5 एकड़ जमीन खोजने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अपर समाहर्ता को संबंधित अंचल अधिकारियों के माध्यम से 30 जून तक उपयुक्त भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है ताकि स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए।