सोशल मीडिया पर अपराध से संबंधित आंकड़ों पर भी पुलिस की नजर, गलत जानकारी देने वाले नेताओं को भी दे रही जवाब

बिहार पुलिस अब नेताओं के बयान का खंडन भी प्रमुखता से कर रही है। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा करने वालों को जवाब दे रही है, और उनके सामने  स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (SCRB) के आंकड़े पेश कर उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत करा रही है। ऐसे ही एक मामले में बिहार पुलिस ने अपने अधिकारिक फेसबुक पेज पर एक राजनीतिक दल के नेता के बयान का खंडन किया है। हालांकि, पुलिस ने उस राजनीतिक दल के नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

सोशल मीडिया पर अपराध से संबंधित आंकड़ों पर भी पुलिस की नजर, गलत जानकारी देने वाले नेताओं को भी दे रही जवाब

DESWA DESK : बिहार पुलिस अब नेताओं के बयान का खंडन भी प्रमुखता से कर रही है। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा करने वालों को जवाब दे रही है, और उनके सामने  स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (SCRB) के आंकड़े पेश कर उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत करा रही है। ऐसे ही एक मामले में बिहार पुलिस ने अपने अधिकारिक फेसबुक पेज पर एक राजनीतिक दल के नेता के बयान का खंडन किया है। हालांकि, पुलिस ने उस राजनीतिक दल के नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। बिहार पुलिस ने जो पोस्ट किया है, वह इस प्रकार है-

'सोशल मीडिया पर एक राजनीतिक दल के नेता द्वारा बिहार में विगत तीन माह के दौरान अपराध की स्थिति को लेकर भ्रामक एवं तथ्यों से परे जानकारी दी गयी है। कुछ चुनिंदा घटनाओं को बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत कर यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है कि राज्य में अपराध की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

आधिकारिक स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (SCRB) के आंकड़े इस दावे की पुष्टि नहीं करते है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिहार में हत्या (Murder) के मामलों में पिछले तीन वर्षों के दौरान लगातार कमी दर्ज की गई है। महत्वपूर्ण घटनाओं का 24 से 48 घंटे में उद्भेदन एवं गिरफ्तारी की जा रही है।

जहां शताब्दी के प्रथम दशक के दौरान यथा 2003, 2004, 2005 में हत्या के आंकड़े 3000 से अधिक हुआ करते थे यथा : -
वर्ष 2003 - 3652
वर्ष 2004 - 3861
वर्ष 2005 - 3423

वहीं हाल के वर्षों में यह आंकड़ा निम्नवत् है : -
वर्ष 2023 - 2863
वर्ष 2024 - 2786
वर्ष 2025 - 2554

इस वर्ष मई 2026 तक 988 हत्या के कांड दर्ज किए गये। इस वर्ष के अंत तक अनुमानित आंकड़ा 2370 है, जो विगत वर्ष से भी कम रहेगा। बिहार पुलिस अपराध नियंत्रण, अपराधियो की त्वरित गिरफ्तारी, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं प्रभावी विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कल ही दिनांक 17-07-2026 को बिहार पुलिस के द्वारा प्रेस वार्ता के क्रम में बताया गया कि हत्या के कांडों में वर्ष 2026 में दिनांक 01.01.2026 से 14.07.2026 तक कुल 3083 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी तथ्यों पर ही भरोसा करें।'

पुलिस के इस आधिकारिक आंकड़े के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि पुलिस की नजर अब सोशल मीडिया पर पहले से अधिक पैनी हो गई है। पुलिस सोशल मीडिया के माध्मय से गलत जानकारी देने वाले, अफवाह फैलाने वाले नेताओं और आमलोगों और  भी नजर रख रही है। इस मामले से यह साफ हो गया है कि बिहार पुलिस बेहद संजीदगी के साथ गलत जानकारी देनेवालों को आंकड़ों के साथ जवाब दे रही है। अब सोशल मीडिया पोस्ट के माध्मय से जानकारी देने वालों को यह भी समझ लेना पड़ेगा कि आंकड़े इसकी गवाही देते हैं या नहीं, बिना आंकड़े के सिर्फ सुनी-सुनाई बातें ऑडियो-वीडियो या लिखित रूप में पेश करना भारी पड़़ सकता है।