चारा घोटाला : लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत रद्द करने की ईडी की याचिका खारिज
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को मंगलवार को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित चारा घोटाला मामलों में लालू यादव को मिली जमानत को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राजद खेमे और लालू समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
DESWA DESK : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को मंगलवार को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित चारा घोटाला मामलों में लालू यादव को मिली जमानत को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राजद खेमे और लालू समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड हाईकोर्ट द्वारा लालू प्रसाद यादव को दी गई जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ईडी ने याचिका दायर कर पूर्व मुख्यमंत्री की जमानत को रद्द करने और उन्हें दोबारा हिरासत में लेने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जमानत देने का फैसला कानूनन सही था और इसमें दखल देने का कोई ठोस आधार नहीं है।
लालू प्रसाद यादव को देवघर, दुमका और चाईबासा कोषागारों से अवैध निकासी (चारा घोटाला) से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। गिरते स्वास्थ्य और आधी सजा काट लेने के आधार पर झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दी थी, जिसके खिलाफ ईडी ने शीर्ष अदालत में अपील की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी राजद के लिए एक संजीवनी की तरह है।
लालू यादव लंबे समय से कई तरह की गंभीर बीमारियों (विशेषकर किडनी ट्रांसप्लांट के बाद) से जूझ रहे हैं। कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब वह जेल जाने के डर के बिना अपना इलाज जारी रख सकेंगे और आगामी राजनीतिक गतिविधियों में अपनी सक्रियता बनाए रख सकेंगे। इस फैसले पर राजद के वरिष्ठ नेताओं ने खुशी जाहिर करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। नेताओं का कहना है कि लालू जी को हमेशा से कानून पर पूरा भरोसा था और आज कोर्ट ने उसी भरोसे को और मजबूत किया है।













