बिहटा में बवाल : राघोपुर के पूर्व मुखिया संजय यादव का मिला शव, हत्या का आरोप लगा परिजनों ने पांच घंटे जाम रखा मुख्यमार्ग

पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का शव राघोपुर गांव के तरवां स्थित एक बोरिंग के पास मिला। शव मिलने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बिहटा-बिक्रम मुख्य मार्ग को राघोपुर तीन मुहानी के पास टायर जलाकर पूरी तरह जाम कर दिया। इस हंगामे के कारण सड़क पर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें स्कूली बसों सहित सैकड़ों वाहन फंस गए। 

बिहटा में बवाल : राघोपुर के पूर्व मुखिया संजय यादव का मिला शव, हत्या का आरोप लगा परिजनों ने पांच घंटे जाम रखा मुख्यमार्ग

DESWA DESK : पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का शव राघोपुर गांव के तरवां स्थित एक बोरिंग के पास मिला। शव मिलने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बिहटा-बिक्रम मुख्य मार्ग को राघोपुर तीन मुहानी के पास टायर जलाकर पूरी तरह जाम कर दिया। इस हंगामे के कारण सड़क पर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें स्कूली बसों सहित सैकड़ों वाहन फंस गए। 

परिजनों ने बताया कि गुरुवार की रात जब संजय कुमार यादव से फोन पर बात हुई थी, तो उन्होंने खुद के पटना में होने की बात कही थी। लेकिन देर रात तक वह घर नहीं लौटे। शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ जा रहे थे, तभी बोरिंग के पास संजय यादव का शव पड़ा देखा गया। परिजनों का सीधा आरोप है कि अपराधियों ने गला दबाकर संजय यादव की हत्या की है और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बधार में फेंक कर फरार हो गए।

प्रदर्शन के दौरान मृतक की बहन ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने रोते हुए कहा कि अपराधियों के साथ मिलकर स्थानीय थाना प्रभारी ने ही उनके भाई की हत्या करवाई है। इस आरोप के बाद माहौल और ज्यादा गरमा गया। घटना की संवेदनशीलता और लोगों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पटना ट्रैफिक डीएसपी और दानापुर डीएसपी अमरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में बिहटा, आईआईटी अमहारा और मनेर थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। इस दौरान आक्रोशित परिजनों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। उधर, सड़क जाम और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी के बीच काफी देर तक गतिरोध बना रहा। बाद में सिटी एसपी खुद मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन दिया। सिटी एसपी के समझाने-बुझाने के बाद करीब पांच घंटे बाद लोगों ने जाम हटाया, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बिहटा थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत का स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामला हत्या का है या किसी अन्य कारण से संजय की मौत हुई है।