बीडीओ मनोज कुमार की प्रेमिका एसआई अनु कुमारी भी गिरफ्तार, कोर्ट ने बीडीओ को जेल भेजा, महिला दरोगा पीआर बॉन्ड पर रिहा !

दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज कुमार की पत्नी की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस हाईप्रोफाइल मामले में संलिप्तता और प्रेमप्रसंग के आरोपों के तहत पुलिस ने बीडीओ की प्रेमिका महिला दरोगा अनु कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया है। 

बीडीओ मनोज कुमार की प्रेमिका एसआई अनु कुमारी भी गिरफ्तार, कोर्ट ने बीडीओ को जेल भेजा, महिला दरोगा पीआर बॉन्ड पर रिहा !

DESWA DESK : दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज कुमार की पत्नी की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस हाईप्रोफाइल मामले में संलिप्तता और प्रेमप्रसंग के आरोपों के तहत पुलिस ने बीडीओ की प्रेमिका महिला दरोगा अनु कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया है। 

इससे पहले मुख्य आरोपी बीडीओ मनोज कुमार को मंगलवार को दरभंगा से गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को विशेष कोर्ट में पेश किया, जहां से कानूनी प्रक्रिया के तहत अलग-अलग आदेश जारी किए गए।

न्यायालय में पेशी के बाद बीडीओ मनोज कुमार की संलिप्तता को देखते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी किया गया। वहीं, मामले की सह-आरोपी महिला दारोगा अनु कुमारी को कोर्ट ने पीआर बॉन्ड पर रिहाई दे दी। इस आदेश के बाद बीडीओ को तुरंत जेल भेज दिया गया है।

बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी की मौत के बाद मृतका के परिजनों ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का संगीन आरोप लगाया था। परिजनों का सीधा आरोप था कि बीडीओ का महिला एसआई अनु कुमारी के साथ अवैध संबंध था, जिसका विरोध करने पर उनकी बेटी की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड के पीछे त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और पारिवारिक कलह एक मुख्य वजह बनकर सामने आ रही है। पुलिस अब इस बात के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है कि क्या बीडीओ की पत्नी की हत्या में महिला दारोगा की भी सक्रिय भूमिका या साजिश थी। दोनों के मोबाइल कॉल डिटेल्स और चैट को भी खंगाला जा रहा है।

एसडीपीओ  ने बताया कि दहेज हत्या के इस गंभीर मामले में नामजद दोनों आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट के आदेशानुसार मुख्य आरोपी बीडीओ को जेल भेज दिया गया है, जबकि सह आरोपी महिला दरोगा को पीआर बॉन्ड पर न्यायालय से राहत मिली है। पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कर रही है, साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।