मोतिहारी में नकली नोट सिंडिकेट का भंडाफोड़ : एक करोड़ के जाली नोट और 38 सोने के बिस्कुट बरामद, मास्टरमाइंड सुलेमान व इम्तियाज गिरफ्तार

पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने जाली नोटों के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कोटवा प्रखंड के भोपतपुर थाना क्षेत्र स्थित वीरती टोला गांव में पुलिस और डीआईयू की संयुक्त टीम ने करीब एक करोड़ रुपये के जाली नोट और 38 सोने के बिस्कुट बरामद किए हैं।

मोतिहारी में नकली नोट सिंडिकेट का भंडाफोड़ : एक करोड़ के जाली नोट और 38 सोने के बिस्कुट बरामद, मास्टरमाइंड सुलेमान व इम्तियाज गिरफ्तार

DESWA DESK : पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने जाली नोटों के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कोटवा प्रखंड के भोपतपुर थाना क्षेत्र स्थित वीरती टोला गांव में पुलिस और डीआईयू की संयुक्त टीम ने करीब एक करोड़ रुपये के जाली नोट और 38 सोने के बिस्कुट बरामद किए हैं।

इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी और इम्तियाज सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। छापेमारी के दौरान जो सामान बरामद हुआ है, उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया है। गिरोह के पास से करीन एक करोड़ जाली नोट, 25 लाख की  टॉय करेंसी, भारी मात्रा में कारतूस और नकद 13 लाख रुपये के साथ  38 सोने के बिस्कुट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस की कई वर्दियां और लग्जरी गाड़ियां भी पुलिस ने बरामद की है।

सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि भोपतपुर थाना इलाके में नकली नोटों का एक बहुत बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है और अन्य देशों से नकली नोटों की एक बड़ी खेप मंगाई गई है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। डीआईयू और करीब पांच थानों की पुलिस ने रातभर वीरती टोला गांव में सघन छापेमारी की, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे ने कहा कि यह गिरोह नोट डबलिंग और जाली नोटों के धंधे में शामिल था। ये लोग भोले-भाले लोगों को ज्यादा नकली नोट देने का लालच देकर उनसे असली पैसे ऐंठते थे।

जांच में इस गिरोह के काम करने के बेहद शातिराना और चौंकाने वाले तरीके का खुलासा हुआ है। डीएसपी ने बताया कि यह गिरोह केवल जाली नोट ही नहीं छापता था, बल्कि ठगी का एक फुलप्रूफ प्लान चलाता था। गिरोह के सदस्य शिकार को कम असली पैसों के बदले भारी मात्रा में नकली नोट देने का लालच देते थे। जब सामने वाला व्यक्ति असली कैश लेकर आता, तो उसे जाली नोट सौंप दिए जाते। डील पूरी होते ही सुलेमान और इम्तियाज के सहयोगी पुलिस की वर्दी पहनकर वहां धमक जाते थे। नकली पुलिस बने ये गुर्गे डरा-धमकाकर उस व्यक्ति से असली पैसे और नकली नोट सब कुछ छीनकर फरार हो जाते थे। डर के मारे पीड़ित पुलिस में शिकायत भी नहीं कर पाता था।

चूंकि मोतिहारी की सीमा नेपाल से सटी है, इसलिए पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार किन-किन देशों से जुड़े हैं। इतनी बड़ी मात्रा में सोने के बिस्कुट और जाली नोटों का मिलना किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट की ओर इशारा कर रहा है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है और कई अन्य सफेदपोशों के नाम सामने आने की उम्मीद है।