सिवान के भ्रष्ट उत्पाद निरीक्षक अंकेश गोंड पर ईओयू का शिकंजा, पांच ठिकानों पर छापेमारी; काली कमाई से अर्जित की थी अकूत संपत्ति
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने गुरुवार की सुबह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सिवान में पदस्थापित भ्रष्ट उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के पांच अलग-अलग ठिकानों पर ईओयू की टीमों ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद की गई है।
DESWA DESK : आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने गुरुवार की सुबह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सिवान में पदस्थापित भ्रष्ट उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के पांच अलग-अलग ठिकानों पर ईओयू की टीमों ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद की गई है।
प्रारंभिक जांच में जांच एजेंसी को अधिकारी के पास उनकी वैध आय की तुलना में करीब 2.38 करोड़ रुपये की अकूत काली कमाई होने के ठोस साक्ष्य मिले हैं। बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार ईओयू को विश्वसनीय सूत्रों से अंकेश कुमार गोंड की भ्रष्ट गतिविधियों और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सत्यापन के बाद आर्थिक अपराध इकाई थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आठ जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामला दर्ज होने के तुरंत बाद आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट हासिल किया। इसके बाद गुरुवार की तड़के ही ईओयू की विशेष टीमों ने उनके पैतृक आवास, वर्तमान पोस्टिंग स्थल और अन्य ठिकानों समेत कुल पांच जगहों पर एक साथ दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी के अनुसार अंकेश कुमार गोंड के पास अपनी ज्ञात और वैध आय के मुकाबले कुल दो करोड़ 38 लाख 31 हजार रुपये की अतिरिक्त संपत्ति होने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। यह उनकी वास्तविक आय से 201.97 प्रतिशत अधिक है।
ईओयू मुख्यालय की ओर से इस संबंध में कहा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। आरोपी उत्पाद निरीक्षक के खिलाफ आय से 201 प्रतिशत से अधिक की संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल पांचों ठिकानों पर तलाशी जारी है, जिसमें कई अहम दस्तावेज, बैंक खाते और निवेश से जुड़े कागजात खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन सामने आएगा।













