अजब प्रेम की गजब कहानी : लड़की से शादी गुनाह है क्या? सहेली के प्यार में मुजफ्फरपुर की युवती हाईटेंशन टावर पर चढ़ी, घंटों थमी रहीं सांसें
मुजफ्फरपुर जिले में अजब प्रेम की गजब कहानी का एक ऐसा खौफनाक रूप देखने को मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एक युवती अपनी ही सहेली से समलैंगिक विवाह की जिद पर अड़ गई और अपनी मांग पूरी करवाने के लिए गांव के पास स्थित बिजली के एक ऊंचे हाईटेंशन टावर पर जा चढ़ी। युवती के इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आनन-फानन में पूरे इलाके की बिजली सप्लाई काटनी पड़ी।
DESWA DESK : मुजफ्फरपुर जिले में अजब प्रेम की गजब कहानी का एक ऐसा खौफनाक रूप देखने को मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एक युवती अपनी ही सहेली से समलैंगिक विवाह की जिद पर अड़ गई और अपनी मांग पूरी करवाने के लिए गांव के पास स्थित बिजली के एक ऊंचे हाईटेंशन टावर पर जा चढ़ी। युवती के इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आनन-फानन में पूरे इलाके की बिजली सप्लाई काटनी पड़ी।
मामला साहेबगंज थाना क्षेत्र के गुलाब पट्टी गांव का है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह करीब सात बजे जब गांव के लोग जागे तो उन्होंने एक युवती को मोबाइल हाथ में लिए हाईटेंशन टावर के ऊपरी हिस्से की ओर चढ़ते देखा। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई और टावर के नीचे सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही साहेबगंज थाने की पुलिस टीम भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची।
टावर पर चढ़ी युवती ने हाथ में मौजूद मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। रोते हुए युवती वीडियो में समाज और कानून से सवाल पूछती नजर आई कि क्या लड़की से लड़की की शादी होना गुनाह है? मैं अपनी सहेली के बिना नहीं जी सकती। अगर उसके साथ जी नहीं सकती, तो मर तो सकती हूं।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टावर पर चढ़ी युवती का अपनी ही पड़ोस में रहने वाली एक सहेली के साथ पिछले काफी समय से प्रेमप्रसंग चल रहा है। दोनों एक-दूसरे के साथ शादी करना चाहती हैं, लेकिन सामाजिक और पारिवारिक बंदिशों के कारण उनके इस रिश्ते का विरोध हो रहा था। इसी बात से नाराज होकर युवती ने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया।
मुजफ्फरपुर की यह घटना केवल एक सनसनीखेज ड्रामा नहीं है, बल्कि यह बदलते दौर में समलैंगिक रिश्तों को लेकर ग्रामीण इलाकों में छिपे सामाजिक तनाव को भी दर्शाती है। हालांकि कानूनन ऐसे रिश्तों को लेकर कई अधिकार दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी समाज इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में युवाओं द्वारा उठाए जा रहे ये आत्मघाती कदम प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं।













