सरकारी शिक्षकों को बड़ी सौगात: आज से खुला ट्रांसफर पोर्टल, अगले हफ्ते से शुरू होगी ऐच्छिक तबादले की प्रक्रिया

बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए राहत और बड़ी खुशी की खबर है। लंबे समय से मनचाहे तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए आज से ट्रांसफर पोर्टल खोल दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने तबादले की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। अगले सप्ताह से शिक्षकों के ट्रांसफर की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

सरकारी शिक्षकों को बड़ी सौगात: आज से खुला ट्रांसफर पोर्टल, अगले हफ्ते से शुरू होगी ऐच्छिक तबादले की प्रक्रिया

DESWA DESK : बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए राहत और बड़ी खुशी की खबर है। लंबे समय से मनचाहे तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए आज से ट्रांसफर पोर्टल खोल दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने तबादले की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। अगले सप्ताह से शिक्षकों के ट्रांसफर की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य भर के स्कूलों में विषयवार और विद्यालयवार रिक्त पदों की सटीक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जो अगले एक से दो दिनों में पूरी तरह लाइव हो जाएगा। इस सॉफ्टवेयर के जरिए जैसे ही रिक्तियों का अंतिम डेटा तैयार होगा, शिक्षकों से ऐच्छिक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी, जिससे पैरवी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी। शिक्षक अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार जिलों या स्कूलों का विकल्प चुन सकेंगे। रिक्तियों का डेटाबेस तैयार होते ही सॉफ्टवेयर के जरिए ही योग्य शिक्षकों को नया स्कूल आवंटित किया जाएगा। तबादला नीति और पोर्टल की शुरुआत को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।

इस संबंध में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाया जा रहा है। इस पूरी नीति में शिक्षकों की सुविधा और उनके गृह जिले या पसंदीदा क्षेत्र में काम करने की इच्छा का पूरा ख्याल रखा जाएगा, ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें।

इस ऐच्छिक तबादला प्रक्रिया में महिला शिक्षकों, दिव्यांग शिक्षकों और गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को प्राथमिकता दी जा सकती है। पोर्टल खुलने से विशेषकर उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने परिवारों से दूर दूसरे जिलों में सालों से सेवाएं दे रहे हैं।