पटना में एनडीए की महाबैठक : सम्राट के आवास पर जुटे सभी पांच दलों के दिग्गज; बीमार होने के बावजूद नीतीश भी पहुंचे एक अण्णे मार्ग
बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। आज मुख्यमंत्री आवास पर एनडीए के सभी घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही इस बैठक में सूबे की मौजूदा सियासत, हालिया भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों और आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सरकार के कामकाज की समीक्षा की गई है। इस महामंथन में एनडीए के सभी पांचों घटक दलों के शीर्ष नेता, बिहार सरकार के मंत्री और जमीनी स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए।
DESWA DESK : बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। आज मुख्यमंत्री आवास पर एनडीए के सभी घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही इस बैठक में सूबे की मौजूदा सियासत, हालिया भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों और आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सरकार के कामकाज की समीक्षा की गई है। इस महामंथन में एनडीए के सभी पांचों घटक दलों के शीर्ष नेता, बिहार सरकार के मंत्री और जमीनी स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीमार होने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उनके अलावा बैठक में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित एनडीए के तमाम बड़े चेहरे और पांचों दलों के सभी जिलाध्यक्ष खास तौर पर मौजूद रहे।
बैठक शुरू होने से पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मीडिया से बात करते हुए इस बैठक के एजेंडे को साफ किया। उन्होंने कहा कि आज एनडीए की यह बेहद अहम बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हो रही है। इसमें पांचों दलों के सभी जिलाध्यक्ष, पार्टी के सीनियर नेता और बिहार सरकार के मंत्री शामिल हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ पटना तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि हर जिले, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर भी मजबूत समन्वय स्थापित करना है। इसके लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है।
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखने और जनता के बीच सही संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, खुद सीएम सम्राट चौधरी कह चुके हैं कि दोषी जो भी होंगे, बचेंगे नहीं। फिर भी विपक्ष जनता को बरगला रहा है, कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है। इन सभी चीजों का जवाब देने की भी रणनीति बैठक में तैयार की गई।
वहीं, बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर एनडीए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। सभी पांचों दलों के बीच वोट ट्रांसफर और संयुक्त चुनाव प्रचार का खाका भी बैठक में खींचा गया है। ग्राउंड लेवल कोऑर्डिनेशन यानी कि बूथ से ब्लॉक तक सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी तरह के मतभेद को दूर करने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर समन्वय समितियां बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
बिहार में नई सरकार बनने के बाद एनडीए की यह पहली ऐसी बड़ी बैठक है, जिसमें टॉप लीडरशिप से लेकर जिलाध्यक्षों तक को सीधे शामिल किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए इस बैठक के जरिए विपक्ष को अपनी एकजुटता का संदेश देना चाहता है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर इस चुनाव को जममत संग्रह बता चुके हैं, और यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य चुने के बाद उनके इस्तीफे से खाली हुई है। पिछला चुनाव नितिन नबीन ने 50 हजार से अधिक वोटों से जीता था, अबकी बार इससे भी बड़ी जीत के लिए बैठक में एनडीए ने रणनीति तैयार की है।













