बांकीपुर उपचुनाव : भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना पहुंचते ही संभाली कमान, चुनावी हलचल तेज

राजधानी की सबसे हॉट सीट बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी तापमान सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में बांकीपुर सीट पर फिर से कमल खिलाने और अपनी साख मजबूत रखने के लिए खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद नितिन नवीन ने सीधे मोर्चे पर उतरकर कमान संभाल ली है।

बांकीपुर उपचुनाव : भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना पहुंचते ही संभाली कमान, चुनावी हलचल तेज

DESWA DESK : राजधानी की सबसे हॉट सीट बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी तापमान सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में बांकीपुर सीट पर फिर से कमल खिलाने और अपनी साख मजबूत रखने के लिए खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद नितिन नवीन ने सीधे मोर्चे पर उतरकर कमान संभाल ली है।

दो दिवसीय दौरे पर सोमवार की शाम पटना पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया। बांकीपुर उपचुनाव में नीरज कुमार सिन्हा की उम्मीदवारी की घोषणा के बीच यह उनका पहला पटना दौरा है, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नितिन नवीन के पटना आगमन पर भाजपा मुख्यालय से लेकर पटना हवाई अड्डे तक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। 

ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और गगनभेदी नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की अगवानी की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गुलदस्ता और अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर नितिन नवीन के कहा कि बांकीपुर की जनता का हमारे साथ एक अटूट और पुराना रिश्ता है। भाजपा विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनावी मैदान में है और बांकीपुर की देवतुल्य जनता एक बार फिर रिकॉर्ड मतों से भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाएगी।

इसके बाद नितिन नवीन ने बिना समय गंवाए प्रदेश कार्यालय और स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीतिकारों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में वे पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों, स्थानीय पदाधिकारियों और पन्ना प्रमुखों के साथ सघन जनसंपर्क और 'बूथ प्रबंधन' को लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं। प्रत्येक मतदाता तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचने की योजना बनाई गई है। हर पोलिंग बूथ पर 'माइक्रो-मैनेजमेंट' सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों (लाभार्थियों) से सीधा संपर्क करने को कहा गया है। साथ ही, विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का तार्किक और जमीनी स्तर पर जवाब देने की रणनीति भी बनाई गई है।

बता दें कि बांकीपुर विधानसभा सीट हमेशा से ही भाजपा का मजबूत गढ़ रही है और खुद नितिन नवीन इस सीट से कई बार रिकॉर्ड मतों से विधायक चुने जा चुके हैं। ऐसे में इस सीट पर होने वाला उपचुनाव न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी राजनीतिक पार्टियां इस सीट पर अपनी जीत दर्ज करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। 30 जुलाई को होने वाली वोटिंग में बांकीपुर की जागरूक जनता ईवीएम का बटन दबाकर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेगी। अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मास्टर क्लास और चुनावी व्यूह रचना बांकीपुर के रण में कमल को कितनी बड़ी जीत दिलाती है।