तेजप्रताप की प्रत्याशी वीणा मानवी पर धोखाधड़ी और एससी-एसटी एक्ट समेत दर्ज हैं ये गंभीर मामले, इस मामले में हुई गिरफ्तारी.. ?
वीणा मानवी के चुनावी हलफनामे से खुलासा हुआ है कि उनके खिलाफ पटना के अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत तीन आपराधिक मामले लंबित हैं। सूत्रों के मुताबिक साल 2016 के एक पुराने धोखाधड़ी के मामले में जारी वारंट के आधार पर पटना पुलिस ने यह कदम उठाया है, हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
DESWA DESK : पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर सीट पर उस वक्त सियासी सनसनी फैल गई, जब तेजप्रताप यादव की पार्टी जन शक्ति जनता दल (जेजेडी) की प्रत्याशी वीणा मानवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई सोमवार को उनके द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के तुरंत बाद की गई।
वीणा मानवी के चुनावी हलफनामे से खुलासा हुआ है कि उनके खिलाफ पटना के अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत तीन आपराधिक मामले लंबित हैं। सूत्रों के मुताबिक साल 2016 के एक पुराने धोखाधड़ी के मामले में जारी वारंट के आधार पर पटना पुलिस ने यह कदम उठाया है, हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
बांकीपुर सीट से ताल ठोक रहीं वीणा मानवी ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दाखिल अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ पटना के गर्दनीबाग, फतुहा और कंकड़बाग थानों में तीन केस दर्ज हैं। इनमें से दो मामले पिछले साल के हैं, जबकि एक मामला करीब दस साल पुराना है।
गर्दनीबाग थाना में पिछले साल उनपर आईटी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में जेजेडी प्रत्याशी पर आपराधिक धमकी देने, साइबर अपराध को अंजाम देने, जाति-सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने और डराने-धमकाने के आरोप हैं। वहीं, पिछले साल फतुहा थाना में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस केस में उन पर अदालत को गुमराह करने के लिए झूठे सबूत पेश करने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, धमकी देने और एससी-एसटी वर्ग की महिला की मर्यादा भंग करने का आरोप लगाया गया है।
वहीं, वर्ष 2016 में कंकड़बाग थाना में तत्कालीन आईपीसी की धारा 406 (अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी) और 120(बी) (अपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला करीब एक दशक पुराना है जिसमें उन पर वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप है। बताया जा रहा है कि इसी मामले में गैरजमानती वारंट जारी होने के कारण पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की है।
नामांकन के ठीक बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई ने पटना की राजनीति में गरमाहट ला दी है। बांकीपुर सीट से तेजप्रताप यादव की पार्टी की उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। कानून व्यवस्था और उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर अब बयानबाजी का दौर शुरू होने की उम्मीद है। पुलिस फिलहाल मामले की कानूनी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।













