भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी आधार कार्ड के साथ उज्बेकिस्तान की महिला गिरफ्तार, क्या था प्लान..?
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जवानों ने मैत्री पुल के पास चेकिंग के दौरान उज्बेकिस्तान की एक महिला को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह अवैध रूप से नेपाल भागने की कोशिश कर रही थी।
DESWA DESK : भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जवानों ने मैत्री पुल के पास चेकिंग के दौरान उज्बेकिस्तान की एक महिला को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह अवैध रूप से नेपाल भागने की कोशिश कर रही थी। 16 जुलाई को वेर शाम हुई इस कार्रवाई के बाद सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और महिला से सघन पूछताछ की गई है। एसएसबी ने आवश्यक पूछताछ के बाद महिला को हरैया थाने की पुलिस के हवाले कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार पकड़ी गई महिला की पहचान उज्बेकिस्तान निवासी बोजोरोवा शकरजोंन के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। महिला पिछले करीब एक साल से मुंबई में बिना किसी वैध वीज़ा के अवैध रूप से रह रही थी। जांच में सामने आया है कि मुंबई में वह अपने एक भारतीय मित्र के साथ रह रही थी, जिसकी भूमिका की भी अब गहनता से जांच की जा रही है।
एसएसबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नियमित जांच के दौरान मैत्री पुल पर एक संदिग्ध महिला को नेपाल में प्रवेश करने से रोका गया। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि महिला के पास पासपोर्ट तो है, जो अक्टूबर 2029 तक वैध है, लेकिन भारत में रहने के लिए कोई भी वैध वीजा उसके पास नहीं है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जांच में यह बात सामने आई कि महिला ने भारत में अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए एक बड़ा खेल रचा था। उसने कथित तौर पर अपना मूल नाम बदलकर फर्जी भारतीय नाम से आधार कार्ड भी तैयार करवा लिया था। विदेशी नागरिक द्वारा इतनी आसानी से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवा लेने के खुलासे के बाद स्थानीय खुफिया इकाइयां और पुलिस भी अलर्ट मोड पर है।
मुंबई में फर्जी नाम से भारतीय आधार कार्ड बनाने में किन जालसाजों ने उसकी मदद की, अब उनकी तलाश पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तेज कर दी है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि महिला का नेपाल भागने के पीछे का असल मकसद क्या था? फिलहाल, विदेशी अधिनियम के उल्लंघन और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोपों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। छानबीन में जो भी नए तथ्य उभरकर सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अपने किस भारतीय दोस्त के साथ वह मुंबई में रह रही थी।













