पटना एम्स को जल्द मिलेगी और 24 एकड़ भूमि, मुख्यमंत्री बोले-बर्न पेशेंट के लिये स्कीन स्टोरेज की होगी व्यवस्था

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एम्सके विस्तार एवं विकास के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने एम्स के विस्तार के लिए 24 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने में राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद पटना एम्स में लगभग 200 नये बेड उपलब्ध होंगे, जिससे संस्थान की रोगी सेवा क्षमता में वृद्धि होगी।

पटना एम्स को जल्द मिलेगी और 24 एकड़ भूमि, मुख्यमंत्री बोले-बर्न पेशेंट के लिये स्कीन स्टोरेज की होगी व्यवस्था

DESWA DESK : पटना एम्स को जल्द ही और 24 एकड़ भूमि मिलेगी। इसके साथ ही, बर्न पेशेंट के लिये स्कीन स्टोरेज की भी व्यवस्था होगी। यह बातें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स, पटना के निरीक्षण के दौरान कही। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स के निरीक्षण किया के दौरान संस्थान में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, अधोसंरचना तथा भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एम्सके विस्तार एवं विकास के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने एम्स के विस्तार के लिए 24 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने में राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद पटना एम्स में लगभग 200 नये बेड उपलब्ध होंगे, जिससे संस्थान की रोगी सेवा क्षमता में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स से नाथूपुर तक फोर लेन सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करेगी, ताकि मरीजों, उनके परिजनों तथा आम नागरिकों को बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बर्न मरीजों के उपचार के लिए स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) की व्यवस्था विकसित करने में भी राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी। 

उन्होंने कहा कि इससे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बर्न वार्ड जाकर वहां इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात की और उनसे उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मरीजों एवं परिजनों का मनोबल बढाया और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने डिपार्टमेंट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन में पेट-सिटी रूम, स्पेक्ट सिटी रूम, रेडियो फार्मेसी लैब का निरीक्षण किया। साथ ही, डिविजन ऑफ ऑन्कोलॉजी, डिपार्टमेंट ऑफ एनॉटोमी सहित ओपीडी का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने एम्स परिसर स्थित तालाब का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि तालाब का जीर्णोद्धार कर उसे पर्यटन एवं आकर्षण का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि यह स्थान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों के लिए एक सुंदर एवं उपयोगी स्थल के रूप में विकसित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा एम्स, पटना के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों में राज्य सरकार सक्रिय सहयोग प्रदान करेगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी, बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक सुब्रत कुमार सेन, एम्स के निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं एम्स, पटना के चिकित्सक उपस्थित थे।