बिहार के बांका में सनसनी: आवासीय स्कूल के हॉस्टल में 8 वर्षीय छात्र पर चाकू से जानलेवा हमला, ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा मासूम
बांका जिले से बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक बेहद खौफनाक और गंभीर वारदात सामने आई है। बौंसी थाना क्षेत्र स्थित माउंट केरला आवासीय विद्यालय के अवैध हॉस्टल में देर रात पहली कक्षा के एक आठ वर्षीय मासूम छात्र पर अज्ञात हमलावरों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। हमला कितना बर्बर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मासूम के सिर और चेहरे पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए गए हैं।
DESWA DESK : बिहार के बांका जिले से बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक बेहद खौफनाक और गंभीर वारदात सामने आई है। बौंसी थाना क्षेत्र स्थित माउंट केरला आवासीय विद्यालय के अवैध हॉस्टल में देर रात पहली कक्षा के एक आठ वर्षीय मासूम छात्र पर अज्ञात हमलावरों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। हमला कितना बर्बर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मासूम के सिर और चेहरे पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए गए हैं।
फिलहाल छात्र की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है, जहां वह आईसीयू में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घायल छात्र की पहचान कटोरिया थाना क्षेत्र के जमुआरी गांव निवासी कुमुद यादव के आठ वर्षीय पुत्र आनंद कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने रोते हुए बताया कि आनंद पहली कक्षा का छात्र है और गर्मी की छुट्टियां बिताने के बाद अभी कुछ ही दिन पहले वापस हॉस्टल लौटा था। उन्हें क्या पता था कि जिस स्कूल को वे बच्चे का सुरक्षित भविष्य मान रहे थे, वहीं उसका खून बहा दिया जाएगा।
परिजनों और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात देर रात करीब 12 बजे के आस-पास की है। घटना का खुलासा सुबह तब हुआ जब हॉस्टल के अन्य बच्चे जागे। सुबह पांच बजे हॉस्टल के बच्चों ने आनंद को परिसर के ही एक अर्धनिर्मित टॉयलेट की छत के पास लहूलुहान हालत में देखा। बच्चे के शरीर और चेहरे से भारी मात्रा में खून बह रहा था। तड़पते मासूम को देख बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में हॉस्टल स्टाफ को सूचना दी गई, जिसके बाद खून से लथपथ आनंद को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल कर रख दी है। परिजनों और स्थानीय लोगों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
लोग पूछ रहे हैं कि देर रात एक आठ साल का बच्चा हॉस्टल के कमरे से निकलकर अर्धनिर्मित टॉयलेट तक कैसे पहुंच गया? हमले के वक्त हॉस्टल के नाइट गार्ड, वार्डन और केयरटेकर कहां सो रहे थे? क्या किसी बाहरी शख्स ने हॉस्टल में प्रवेश किया या अंदर का ही कोई इस वारदात में शामिल है?
घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, स्थानीय लोगों में स्कूल की इस लापरवाही को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे मासूम आनंद के लिए बेहद क्रिटिकल हैं। पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है कि आखिर एक मासूम बच्चे से किसी की क्या दुश्मनी हो सकती है।













