बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद एक्शन मोड में सीएम सम्राट चौधरी; बीजेपी दफ्तर में बड़ी समीक्षा बैठक, रामकृपाल यादव बोले- नाराजगी दूर करेंगे
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मंथन का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अचानक भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री के अचानक दफ्तर पहुंचने और हार की समीक्षा में जुटने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भी हलचल तेज हो गई है।
DESWA DESK : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मंथन का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अचानक भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री के अचानक दफ्तर पहुंचने और हार की समीक्षा में जुटने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भी हलचल तेज हो गई है।
बैठक में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। शीर्ष नेतृत्व ने उन बूथों और इलाकों की रिपोर्ट का भी अवलोकन किया, जहां पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इसके अतिरिक्त आगामी संत गुरु रविदास जयंती के आयोजन और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद वरिष्ठ नेता और सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में बांकीपुर की हार को स्वीकार करते हुए कहा कि रविदास जयंती समेत पार्टी के आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से बात हुई है। साथ ही बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर भी गंभीरता से मंथन हुआ है। बांकीपुर का जनादेश वैसा नहीं आया जैसी उम्मीद थी।
उन्होंने आगे कहा कि बांकीपुर की जनता आज भी भारतीय जनता पार्टी के साथ है, लेकिन कुछ स्थानीय स्तर पर नाराजगी रही है। हम इस हार से सबक लेते हुए उस नाराजगी को जल्द दूर करेंगे। आने वाले समय में बांकीपुर क्षेत्र पर विशेष फोकस किया जाएगा। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में जीवेश मिश्रा, रामकृपाल यादव, विधायक संजीव चौरसिया, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, संजय गुप्ता, रत्नेश कुशवाहा सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।













