खाद्यान्न वितरण में देरी या लापरवाही पर अब बड़ी कार्रवाई, समीक्षा बैठक में पीडीएस दुकानदारों के लिए नई गाइडलाइन
खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की देरी, लापरवाही अथवा अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। सभी पात्र लाभुकों को समय पर, निर्धारित मात्रा में एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता एवं जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
DESWA DESK : खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की देरी, लापरवाही अथवा अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। सभी पात्र लाभुकों को समय पर, निर्धारित मात्रा में एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता एवं जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह बातें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में कही। बैठक में सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं आपूर्ति निरीक्षक शामिल हुए।
बैठक में खाद्यान्न वितरण, राशन कार्ड निर्माण के लंबित आवेदनों, संदिग्ध राशन कार्डों की जांच, जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों की रिक्तियों तथा अन्य विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की देरी, लापरवाही अथवा अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
सभी पात्र लाभुकों को समय पर, निर्धारित मात्रा में एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता एवं जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर जन वितरण प्रणाली दुकानों का सघन निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी, कम तौल, अनियमित वितरण, अथवा अन्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित जन वितरण प्रणाली विक्रेता के विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
राशन कार्ड निर्माण से संबंधित लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। वहीं, संदिग्ध राशन कार्डों की जांच में तेजी लाकर अपात्र लाभुकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। जन वितरण प्रणाली दुकानों की रिक्तियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर भरने एवं जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।













