मुख्यमंत्री की घोषणा : अगले साल भव्य मंदिर में विराजेंगी मां जानकी, अयोध्या की तर्ज पर पुनौराधाम बनेगा धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सीतामढ़ी के पुनौराधाम में 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर का निर्माण पूरा कर मां जानकी को भव्य मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। पुनौराधाम मां जानकी की जन्मभूमि होने के कारण बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही, अयोध्या की तर्ज पर पुनौराधाम का विकास होगा और धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे।
DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सीतामढ़ी के पुनौराधाम में 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर का निर्माण पूरा कर मां जानकी को भव्य मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। पुनौराधाम मां जानकी की जन्मभूमि होने के कारण बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही, अयोध्या की तर्ज पर पुनौराधाम का विकास होगा और धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमन्त्री सम्राट चौधरी ने आज माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम मंदिर में मां जानकी की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोचार के बीच विधि- विधान से मां जानकी की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनौराधाम मंदिर परिसर स्थित नवनिर्मित अस्थायी काष्ठ मंडपंम में भगवान श्रीराम एवं माता सीता की प्रतिमाओं को स्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम में निर्माणाधीन भव्य माता सीता मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने प्रस्तावित मां जानकी मंदिर के मॉडल के माध्यम से मुख्यमंत्री को मंदिर एवं परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम, ऑडिटोरियम, महिला हाट सहित अन्य प्रस्तावित भवनों तथा श्रद्धांलुओं के लिए उपलब्ध करायी जानेवाली सुविधाओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराया।
इस दौरान ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर का निर्माण पूर्ण कर मां जानकी को भव्य मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया स्वीकार। मुख्यमंत्री ने पुनौराधाम मंदिर प्रांगण में बज्जिका कला एवं सिक्की कला पर आधारित शिल्प प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कला एवं शिल्प की विविधता तथा कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की जानकारी ली।
पुनौराधाम मंदिर प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उद्योग एवं खेल तथा सीतामढ़ी जिले की प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नन्दकिशोर राम, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, विधायक बैद्यनाथ प्रसाद, विधायक गायत्री देवी, विधायक सुनील कुमार पिंटू विधायक पंकज कुमार मिश्रा, विधायक प्रोफेसर नागेंद्र राउत, विधायक अनिल कुमार, विधायक रामेश्वर कुमार महतो, विधायक अमित कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक चंदन कुशवाहा, जिलाधिकारी रिचि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक अमित रंजन सहित मंदिर प्रबंधन से जुड़े गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।













