बिहार के छह प्रमंडलों से हरियाणा के लिए चलेंगी वातानुकूलित बसें; गुरुग्राम, अंबाला, पानीपत और सोनीपत के लिए इसी माह के अंत से शुरू होगी सेवा
बिहार से कामकाज, व्यवसाय और रोजगार के सिलसिले में हरियाणा जाने वाले लाखों लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अब बिहार और हरियाणा के बीच का सफर न सिर्फ बेहद आरामदायक होने जा रहा है, बल्कि जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगा। बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने हरियाणा के लिए सीधी वातानुकूलित (एसी) बस सेवा शुरू करने का फैसला किया है।
DESWA DESK : बिहार से कामकाज, व्यवसाय और रोजगार के सिलसिले में हरियाणा जाने वाले लाखों लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अब बिहार और हरियाणा के बीच का सफर न सिर्फ बेहद आरामदायक होने जा रहा है, बल्कि जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगा। बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने हरियाणा के लिए सीधी वातानुकूलित (एसी) बस सेवा शुरू करने का फैसला किया है।
इस ऐतिहासिक कदम के लिए शुक्रवार को हरियाणा में दोनों राज्यों के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय इकरारनामे पर मुहर लग गई है। विभाग की तैयारी इस सेवा को इसी माह जुलाई के अंत तक धरातल पर उतारने की है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के अनुसार इस सेवा की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है ताकि राज्य के हर हिस्से के लोगों को इसका लाभ मिल सके। बिहार के कुल छह प्रमुख प्रमंडलों से बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इनमें पटना, पूर्णिया, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर शामिल हैं।यहां से गुरुग्राम, अंबाला, सोनीपत, पानीपत सहित कई अन्य प्रमुख औद्योगिक शहर तक बसें जाएंगी।
शुक्रवार को हरियाणा में आयोजित एक विशेष बैठक में दोनों राज्यों के बीच इस परिवहन समझौते पर अंतिम रूप से हस्ताक्षर किए गए। बिहार की ओर से राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन और हरियाणा सरकार की तरफ से अपर मुख्य सचिव (परिवहन) राजा शेखर कुंडरु ने इस इकरारनामे पर दस्तखत किए। इस करार से न केवल दोनों राज्यों के बीच सुलभ और सुरक्षित परिवहन का नया मार्ग खुलेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। इससे दोनों राज्यों की जनता करीब आएगी और हमारे सांस्कृतिक संबंध भी और अधिक मजबूत होंगे।
हरियाणा के विभिन्न शहरों, विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों जैसे गुरुग्राम, पानीपत और सोनीपत में बड़ी संख्या में बिहार के श्रमिक, कामकाजी पेशेवर और छात्र रहते हैं। त्योहारों या छुट्टियों के दिनों में ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और निजी बसों के मनमाने किराए के कारण इन प्रवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बिहार सरकार का यह कदम प्रवासियों को एक बेहतर, सुरक्षित और सुलभ सरकारी विकल्प प्रदान करेगा।













