बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध के मामले, देश के टाॅप-10 साइबर अपराध वाले जिलों में चार बिहार के  ..नवादा दूसरे स्थान पर

देश के शीर्ष साइबर हॉटस्पॉट जिलों में बिहार के नवादा (रैंक 2), नालंदा (रैंक 4), पटना (रैंक 7) और शेखपुरा (रैंक 15) शामिल हैं। इसके अलावा पटना एटीएम और चेक से पैसे निकासी  के मामले में देश के शीर्ष स्थानों में है। पुलिस अधिकारियों को इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम बेचने वाले एजेंटों और गैंग्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध के मामले, देश के टाॅप-10 साइबर अपराध वाले जिलों में चार बिहार के  ..नवादा दूसरे स्थान पर

DESWA DESK : बिहार में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसमें नवादा जिला दूसरे स्थान पर है। देश के टाॅप-10 साइबर अपराध वाले जिलों में चार बिहार में हैं। इसमें पटना सातवें स्थान पर है। साइबर अपराध रोकने और लोगों को जागरूक करने के लाख प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन साइबर अपराधी अपने मकसद में कामयाब होकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट ले रहे हैं।

 इसको लेकर राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों  के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक हाल ही में आयोजित 52वीं प्रगति (PRAGATI) समीक्षा बैठक में साइबर अपराध तथा डिजिटल अरेस्ट को लेकर दिए गए निर्देशों के अनुपालन और राज्य की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।

बैठक के दौरान राज्य में साइबर अपराध नियंत्रण की स्थिति, तकनीकी पोर्टल्स के उपयोग और ग्राउंड एक्शन की विस्तृत जानकारी सभी जिलाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को दी गई । अबतक ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत राज्य में संगठित साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6,251 म्यूल बैंक खातों का सत्यापन किया गया, 702 लोगों पर कानूनी कार्रवाई की गई और 507 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।


देश के शीर्ष साइबर हॉटस्पॉट जिलों में बिहार के नवादा (रैंक 2), नालंदा (रैंक 4), पटना (रैंक 7) और शेखपुरा (रैंक 15) शामिल हैं। इसके अलावा पटना एटीएम और चेक से पैसे निकासी  के मामले में देश के शीर्ष स्थानों में है। पुलिस अधिकारियों को इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम बेचने वाले एजेंटों और गैंग्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने साइबर अपराध से आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर है, जिस पर किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस नंबर का प्रचार-प्रसार आम जन-जीवन से जुड़ी हर वस्तु और स्थान पर किया जाए ताकि हर नागरिक को इसकी जानकारी हो। बिजली बिलों पर 1930 नंबर को स्पष्ट रूप से छापा जाए और बिजली बिल रिचार्ज के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऐप्स पर भी इसका मैसेज प्रदर्शित किया जाए।


इसके साथ ही, बिहार के घर-घर तक पहुंचने वाले 'सुधा' दूध और अन्य उत्पादों की पैकेजिंग पर तथा सुधा बूथों पर 1930 हेल्पलाइन नंबर का प्रमुखता से प्रदर्शन किया जाए।
वहीं, शहरों में नगर निगम के डिजिटल होर्डिंग्स, एलइडी स्क्रीन और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता संदेश और 1930 नंबर प्रदर्शित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में 'साइबर मंगलवार' जैसे जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार जारी रखा जाए।