विक्रमशिला सेतु पर इस दिन से शुरू होगा परिचालन, निजी वाहनों को लेकर भी सीएम सम्राट का बड़ा एलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर आयोजित बैठक में बड़ा एलान किया गया। विक्रमशिला सेतु पर आवागमन शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी गई। साथ ही, आमलोगों को राहत देते हुए यह एलान भी किया गया कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जबतक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क न लें।

विक्रमशिला सेतु पर इस दिन से शुरू होगा परिचालन, निजी वाहनों को लेकर भी सीएम सम्राट का बड़ा एलान

DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर आयोजित बैठक में बड़ा एलान किया गया। विक्रमशिला सेतु पर आवागमन शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी गई। साथ ही, आमलोगों को राहत देते हुए यह एलान भी किया गया कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जबतक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क न लें।

इस दौरान भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पानिकर और बांका के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने मुख्यमंत्री को श्रावणी मेला-2026 में श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जानेवाली आवश्यक सुविधाओं एवं पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से श्रावणी मेला की तैयारी पूरी करें। श्रावणी मेले के दौरान संपूर्ण भारत सहित विदेशों से भी बड़ी तादाद में श्रद्धालु यहां आते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें। 

सीएम ने यह भी कहा कि सुईया, कटोरिया, चानन सहित कांवरिया पथ पर बने धर्मशाला का चेन सिस्टम बनाकर उन्हें पर्यटन नीति से जोड़ें। सभी धर्मशाला को पीपीपी मोड पर ऑर्गेनाइज करें ताकि सालों भर वे फंक्शनल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुल्तानगंज, तारापुर, बेलहर, सुईया, कटोरिया, चानन आदि प्रमुख जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करें ताकि जाम की स्थिति से निपटा जा सके। 

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को भागलपुर जिलाधिकारी ने मुंगेर (साफियाबाद)-सुल्तानगंज-सबौर चार लेन गंगा पथ के निर्माण कार्य की प्रगति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित भागलपुर गंगा पथ और मुंगेर गंगा पथ से संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनका त्वरित समाधान करें। यह डॉल्फिन का इलाका है, उसको ध्यान में रखते हुए निर्णय लें। एलिवेटेड पथ बनने से इस इलाके में होनेवाली जलजमाव की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना से संबंधित समीक्षा की। जिलाधिकारी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापना के लिए अधिग्रहित की जानेवाली भूमि एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के काम में तेजी लाएं। 15 जून के पहले केंद्र सरकार को इस संबंध में पत्र भेजकर सूचित करें। विक्रमशिला विश्वविद्यालय का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है, उसे पुनर्स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने भागलपुर जिला अंतर्गत विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य की भी समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जब तक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क न लें। विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापना कार्य में तेजी लाकर 30 नवंबर तक हर हाल में वाहनों का परिचालन विक्रमशिला सेतु पर शुरू कराएं।

विक्रमशिला सेतु पर वाहनों के परिचालन से संबंधित पत्रकारों के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 30  नवंबर तक हर हाल में विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन सुनिश्चित हो जाएगा। क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्स्थापन कार्य तेजी से किया जा रहा है। विक्रमशिला सेतु का निर्माण एजेंसी से पुनः अध्ययन कराया जाएगा ताकि सुपर स्ट्रक्चर विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर आवागमन सुचारू नहीं होता है तब तक निजी दोपहिया और चार पहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक से पूर्व समाहरणालय परिसर में भागलपुर जिलान्तर्गत 203 करोड़ रुपए की लागत से 84 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन तथा 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।