अवैध शराब की काली कमाई को लेकर बंटी की हत्या! पुलिस का दावा-शराब माफियाओं ने की वारदात..दो और गिरफ्तार

पटना जंक्शन से छह जुलाई को हुए बंटी यादव के अपहरण और हत्या मामले में पटना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश से ट्रेनों के जरिए होने वाली अवैध शराब की तस्करी और उसकी बिक्री से होने वाली काली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों रोशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को दबोच लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता रवीश कुमार बीसी समेत अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

अवैध शराब की काली कमाई को लेकर बंटी की हत्या! पुलिस का दावा-शराब माफियाओं ने की वारदात..दो और गिरफ्तार

DESWA DESK : पटना जंक्शन से छह जुलाई को हुए बंटी यादव के अपहरण और हत्या मामले में पटना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश से ट्रेनों के जरिए होने वाली अवैध शराब की तस्करी और उसकी बिक्री से होने वाली काली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों रोशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को दबोच लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता रवीश कुमार बीसी समेत अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

बंटी यादव पटना जंक्शन स्थित दूध मंडी में दही लेने गया था। इसी दौरान आरोपी रविश कुमार उर्फ बीसी, रोहित कुमार और उनके छह-सात साथियों ने बंटी को घेर लिया। उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे अगवा कर लिया गया। पुलिस को इस अपहरण का एक लाइव वीडियो भी मिला है। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में चार विशेष एसआईटी का गठन किया गया। इन टीमों को अलग-अलग काम सौंपे गए। पुलिस की मुस्तैदी के कारण सात जुलाई को ही तीन आरोपी रोहित कुमार, बजरंगी कुमार और ऑटो चालक रवि कुमार उर्फ चंदू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस इनसे पूछताछ कर ही रही थी कि 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलेलपुर फोरलेन के नीचे एक खेत से बंटी यादव का शव बरामद किया गया।

पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों रौशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को गिरफ्तार किया। इनसे हुई पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। मुख्य आरोपी रविश कुमार उर्फ बीसी का संबंध मोनी किन्नर से था। ये लोग उत्तर प्रदेश से ट्रेनों के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध शराब की खेप पटना लाते थे और उसे ऊंचे दामों पर बेचते थे। इस अवैध धंधे से होने वाली मोटी काली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर बंटी यादव और रविश के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए शंकर, रौशन, रोहित, सोनू, मोनी किन्नर, सूरज, बजरंगी और रवि ने मिलकर बंटी का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी। गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म भी कबूल लिया है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब सिंडिकेट के अन्य फरार सदस्यों और मुख्य साजिशकर्ता को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।