बिहार: निगरानी टीम पर पिस्टल तानने वाले दारोगा सदरे आलम पर DIG का एक्शन सीधे नौकरी से किया बर्खास्त
मुजफ्फरपुर में रिश्वत लेते पकड़े जाने पर Vigilance टीम पर तान दी थी पिस्टल फिर धमकी... 11 हजार घुस लेते हुए थे गिरफ्तार, 5 साल बाद विभाग ने की बड़ी कार्रवाई।
मुजफ्फरपुर: बिहार पुलिस के महकमे में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कड़ा संदेश दिया गया है। तिरहुत रेंज के डीआईजी (DIG) चंदन कुशवाहा ने चर्चित 'पिस्तौल कांड' के आरोपी दारोगा सदरे आलम को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई है जिसने बिहार पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
क्या था पूरा मामला ?
यह मामला साल 2021 का है। उस वक्त सदरे आलम मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में तैनात थे। अहियापुर सिपाहपुर की रहने वाली तब्बसुम आरा ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) से शिकायत की थी कि दारोगा उनसे काम के बदले रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
शिकायत के सत्यापन के बाद, 30 सितंबर 2021 को निगरानी की टीम ने जाल बिछाया। अहियापुर थाने के सामने एक चाय की दुकान पर जैसे ही सदरे आलम ने 11 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया।
जब वर्दी वाले ने कानून के रखवालों पर तानी पिस्टल
गिरफ्तारी के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। खुद को निगरानी टीम की गिरफ्त में देख दारोगा सदरे आलम ने सरकारी मर्यादा को ताक पर रखकर रेड करने आई टीम पर ही अपनी सर्विस पिस्टल तान दी। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जेल से आने के बाद भी डटे रहे सेवा में
हैरानी की बात यह है कि जेल जाने और इतने गंभीर आरोप लगने के बावजूद सदरे आलम लंबे समय तक सेवा में बने रहे। जमानत पर बाहर आने के बाद:
उनकी पहली पोस्टिंग मुजफ्फरपुर के ट्रैफिक थाने में हुई।
इसके बाद उनका तबादला वैशाली जिले के हाजीपुर इंडस्ट्रियल थाने में कर दिया गया।
विभागीय जांच और बर्खास्तगी का आदेश
भले ही सदरे आलम नौकरी कर रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) चल रही थी। पुलिस उपाधीक्षक (पूर्वी) ने इस मामले की गहन जांच की। जांच रिपोर्ट में दारोगा पर लगे रिश्वतखोरी और टीम पर हमला करने के आरोप पूरी तरह सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट और मंतव्य के आधार पर तिरहुत रेंज के डीआईजी ने इसे 'घोर अनुशासनहीनता और कदाचार' मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।













