बिहार में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगी नई रफ्तार, सड़क पर उतरेंगी ई-बसें

बिहार की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने वाला है। केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना फेज-II के तहत अगले महीने बिहार को 200...

बिहार में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगी नई रफ्तार, सड़क पर उतरेंगी ई-बसें

बिहार की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने वाला है। केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना फेज-II के तहत अगले महीने बिहार को 200 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों की बड़ी सौगात मिलेगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल सफर की सुविधा मिलेगी।

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने योजना को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति, संचालन और रखरखाव के लिए ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी का चयन केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से किया गया है।

परिवहन विभाग के मुताबिक जून महीने के पहले सप्ताह तक 200 इलेक्ट्रिक बसें बिहार पहुंच जाएंगी। इसके बाद जून के अंतिम सप्ताह तक इन बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार में कुल 400 ई-बसों का संचालन किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं

नई इलेक्ट्रिक बसों को पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इनमें कई स्मार्ट फीचर्स दिए जाएंगे—

GPS ट्रैकिंग सिस्टम

CCTV कैमरे

पैनिक बटन

डिजिटल डिस्प्ले और सूचना प्रणाली

आरामदायक सीटें

दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा

यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन और रूट संबंधी जानकारी भी आसानी से मिलेगी।

चार्जिंग स्टेशन और डिपो का निर्माण तेज

ई-बसों के संचालन के लिए राज्य में चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक बस डिपो और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। संबंधित एजेंसियां उन स्थानों को चिन्हित कर रही हैं, जहां बसों के संचालन और चार्जिंग की बेहतर व्यवस्था हो सके।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने से वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। डीजल बसों की तुलना में ई-बसें कार्बन उत्सर्जन काफी कम करती हैं। इससे शहरों की हवा साफ होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

ट्रैफिक दबाव होगा कम

सरकार का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन मजबूत होने से लोग निजी वाहनों की बजाय बसों का ज्यादा उपयोग करेंगे। इससे सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और लोगों को सस्ता, सुरक्षित व सुविधाजनक सफर मिल सकेगा।बिहार में ई-बस सेवा की शुरुआत को राज्य के परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।