कोबरा के काटने के बाद सांप साथ लेकर अस्पताल पहुंचा ई-रिक्शा चालक, मचा हड़कंप
दुनिया में रोज़ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो सच होते हुए भी किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा से आई यह खबर भी कुछ ऐसी ही है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। यहां एक ई-रिक्शा चालक ने जहरीले कोबरा के काटने के बाद जो कदम उठाया, वह साहस और जोखिम—दोनों की मिसाल बन गया।मामला मथुरा के नगला शिवाजी इलाके का है। यहां रहने वाले ई-रिक्शा चालक दीपक कुमार राजपूत....
दुनिया में रोज़ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो सच होते हुए भी किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा से आई यह खबर भी कुछ ऐसी ही है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। यहां एक ई-रिक्शा चालक ने जहरीले कोबरा के काटने के बाद जो कदम उठाया, वह साहस और जोखिम—दोनों की मिसाल बन गया।मामला मथुरा के नगला शिवाजी इलाके का है। यहां रहने वाले ई-रिक्शा चालक दीपक कुमार राजपूत अपने घर के पास मौजूद थे, तभी अचानक एक जहरीले कोबरा ने उनके हाथ पर काट लिया। आमतौर पर ऐसे हालात में लोग घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगते हैं, लेकिन दीपक ने हालात से बिल्कुल उलटा फैसला लिया।
बिना डरे उसे अपनी जैकेट में रख लिया
बताया जा रहा है कि सांप के काटते ही दीपक ने उसे काबू में किया और बिना डरे उसे अपनी जैकेट में रख लिया। इसके बाद वह खुद अपना ई-रिक्शा चलाते हुए सीधे मथुरा जिला अस्पताल पहुंच गया। दीपक का मकसद साफ था—वह डॉक्टरों को वही सांप दिखाना चाहता था, जिसने उसे काटा, ताकि जहर की गंभीरता समझकर सही इलाज किया जा सके।लेकिन जैसे ही अस्पताल में लोगों को पता चला कि दीपक जिंदा सांप लेकर आया है, वहां अफरा-तफरी मच गई। मरीज, उनके परिजन और अस्पताल स्टाफ दहशत में आ गए। डॉक्टरों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए पहले सांप को अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए कहा। इस पर दीपक नाराज हो गया और उसे लगा कि उसके “सबूत” को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सड़क पर जाम लग गया
नाराजगी में दीपक ने अस्पताल के मुख्य द्वार के पास ही अपना ई-रिक्शा खड़ा कर दिया, जिससे सड़क पर जाम लग गया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी देर तक दीपक को समझाया। आखिरकार दीपक ने सांप को एक डिब्बे में बंद किया, तब जाकर डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया।जिला अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक, जिंदा सांप के साथ इलाज करना संभव नहीं था, क्योंकि इससे अन्य मरीजों की जान को खतरा हो सकता था। वहीं दीपक का कहना है कि वह केवल यह सुनिश्चित करना चाहता था कि डॉक्टर जान सकें कि किस सांप ने काटा है।
दीपक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है
समय पर इलाज मिलने से दीपक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इसे हिम्मत, डर और जागरूकता—तीनों का अनोखा मेल बता रहे हैं। यह घटना साफ संदेश देती है कि विषैले जानवरों के मामलों में सतर्कता और सही समय पर लिया गया फैसला जीवन रक्षक साबित हो सकता है।













