मोतिहारी में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: परिवहन विभाग के ESI हरिशंकर कुमार निलंबित
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) से एक बड़ा मामला सामने आया है। अवैध वसूली के गंभीर आरोपों में परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) हरिशंकर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पूर्वी चम्पारण द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ESI हरिशंकर कुमार को अवैध वसूली करते हुए पकड़ा गया था। मामले....
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) से एक बड़ा मामला सामने आया है। अवैध वसूली के गंभीर आरोपों में परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) हरिशंकर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पूर्वी चम्पारण द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ESI हरिशंकर कुमार को अवैध वसूली करते हुए पकड़ा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए।
विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की
पुलिस कार्रवाई के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की और विभागीय स्तर पर भेजी। इस रिपोर्ट के साथ प्राथमिकी संख्या 425/25 को आधार बनाते हुए परिवहन विभाग, बिहार ने सख्त रुख अपनाया।विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(2) के तहत कार्रवाई करते हुए हरिशंकर कुमार को उनकी गिरफ्तारी की तिथि यानी 14 दिसंबर 2025 से ही निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
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नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा
अपर सचिव द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान हरिशंकर कुमार को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस भत्ते का भुगतान जिला परिवहन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण द्वारा किया जाएगा। बताया गया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।फिलहाल परिवहन विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है। इस कार्रवाई को बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और प्रशासन के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, आम लोगों में उम्मीद जगी है कि ऐसी कार्रवाइयों से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।













