बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान: 1 अप्रैल से हर जिले में ड्राइवरों को अनिवार्य प्रशिक्षण
बिहार में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य भर में अब ड्राइवरों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है। इस पहल के तहत 1 अप्रैल से सभी जिलों में सरकारी और निजी वाहनों के चालकों को अनिवार्य सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा।.....
बिहार में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य भर में अब ड्राइवरों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है। इस पहल के तहत 1 अप्रैल से सभी जिलों में सरकारी और निजी वाहनों के चालकों को अनिवार्य सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा।पहले चरण में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पटना और औरंगाबाद में चलाया गया था, जहां इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। अब दूसरे चरण में इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा।
अनिवार्य रूप से सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण
परिवहन विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में सरकारी और निजी वाहनों के चालकों को अनिवार्य रूप से सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण प्रत्येक शनिवार को आयोजित किया जाएगा, ताकि चालक अपनी नियमित ड्यूटी के साथ इसमें आसानी से भाग ले सकें।इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए परिवहन विभाग एक विस्तृत एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार कर रहा है। इसमें प्रशिक्षण की अवधि, मॉड्यूल, प्रमाण-पत्र देने की प्रक्रिया और निगरानी की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल होंगे।
चालकों की लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी
विभाग के सचिव राजकुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण अक्सर चालकों की लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी होती है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी और निजी बस चालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, ट्रक ड्राइवरों और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों को नियमित रूप से जागरूक और प्रशिक्षित करना है।
उन्होंने बताया कि पटना और औरंगाबाद में पहले चरण के प्रशिक्षण से चालकों की जागरूकता में स्पष्ट सुधार देखा गया है। अब इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू कर बिहार की सड़कों को और अधिक सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी जाएगी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चालकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी जाएगी। इसमें जेब्रा क्रॉसिंग पर रुकना, अनावश्यक हॉर्न का इस्तेमाल न करना, सीट बेल्ट लगाना, सुरक्षित ओवरटेकिंग, निर्धारित स्पीड लिमिट का पालन और ट्रैफिक सिग्नल का सख्ती से पालन जैसे विषय शामिल होंगे।परिवहन विभाग का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल चालकों की जिम्मेदारी बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों और पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।













